Holi Festival 2023: जयपुर में होली पर हाथियों के बीच होता है दंगल, फिरंगी बनते हैं दर्शक, जानिए इस रोचक खेल के बारे में

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 2, 2023, 07:42 PM IST

Holi Festival 2023: करीब 25 वर्ष पूर्व जयपुर राजघराने की राजमाता स्व.गायत्री देवी के सानिध्य में हाथी महोत्सव आमेर महल में आरंभ हुआ था। सात समंदर पार से सैलानी जयपुर होली के मौके पर आयोजित होने वाले हाथी उत्सव को देखने आते है। तीन दिन तक चलने वाले हाथी महोत्सव के दौरान कई प्रकार के आयोजन होते हैं। जिसमें जयपुर के आमेर के निकट बसाए गए हाथी गांव से सैंकड़ों हाथियों को परकोटे के भीतर लाया जाता है।

KEY HIGHLIGHTS
  • होली पर आयोजित होता है तीन दिवसीय हाथी महोत्सव
  • इसकी शुरूआत 25 साल पहले राजमाता स्व. गायत्री देवी ने की थी
  • इसमें शामिल होने सात समंदर पार से लाखों पर्यटक जयपुर आते हैं


Holi Festival 2023: राजस्थान की राजधानी जयपुर अपने ऐतिहासिक राजसी वैभव व समृद्ध परंपराओं के लिए समूचे विश्व में मशहूर है। यहां के किले, हवेलियां व महल हर किसी का मन मोह लेते हैं। कभी राजशाही के जमाने में होली को यहां पर हाथियों के साथ उत्सव मनाया जाता था। आजादी के बाद सब कुछ बदला तो गुलाबी नगरी की शाही रवायतों में भी बदलाव आया। हालांकि कुछ परंपराएं आज भी जीवित है, यही वजह है कि, सात समंदर पार से सैलानी जयपुर आते हैं। खासकर होली के मौके पर आयोजित होने वाले हाथी उत्सव को देखने।

Jaipur Elephant Polo Match

जयपुर में हाथी उत्सव के दौरान पोलो मैच खेलते हुए हाथी (फाइल फोटो)

राजमाता गायत्री देवी ने की थी इसकी शुरूआत

तीन दिन तक चलने वाले हाथी महोत्सव के दौरान कई प्रकार के आयोजन होते हैं। जिसमें जयपुर के आमेर के निकट बसाए गए हाथी गांव से सैंकड़ों हाथियों को परकोटे के भीतर लाया जाता है। समारोह में खास आकर्षण का केंद्र हाथी प्रतियोगिताएं और टग ऑफ वाॅर शामिल हैं। हालांकि वर्तमान में हाथी पोलो मैच तो बंद कर दिया गया है। मगर इसके बाद भी इस आयोजन का आकर्षण कम नहीं हुआ है। दावा किया जाता है कि, हाथी उत्सव देश में सिर्फ राजस्थान के जयपुर में ही होली के मौके पर मनाया जाता है। बता दें कि, करीब 25 वर्ष पूर्व जयपुर राजघराने की राजमाता स्व.गायत्री देवी के सानिध्य में हाथी महोत्सव आमेर महल में आरंभ हुआ था।

ऐसे संवरते हैं गजराज

जयपुर में होली के मौके पर होने वाले हाथी उत्सव के तहत महावत अपने- अपने हाथियों को बड़े ही करीने से सजाते हैं। इन हाथियों का भव्य श्रृंगार राजस्थान के गौरवशाली इतिहास को दर्शाता है। रंग-बिरंगे रंगों से हाथियों पर बेहतरीन चित्र और आकृतियां उकेरी जाती हैं। इन्हें चांदी-सोने के आभूषणों से सजाया जाता है।

गज सवार खेलते हैं शाही होली

होली के मौके पर गुलाबी नगरी में गजराज पर सवार होकर लोग शाही होली खेलते हैं। सात समंदर पार से आए सैलानी हाथी पर बैठकर रंग व गुलाल उड़ाते हैं। बताया जाता है कि, किसी जमाने में यहां के राजे - महाराजे हाथी पर बैठकर होली खेलते थे। सदियों से चली आ रही इस परंपरा को यहां के लोगों ने आज भी जीवित रखा है। तीन दिनों तक चलने वाले उत्सव में रंग, अबीर, गुलाल और फूलों से होली खेली जाती है। गुलाबी नगरी में रामबाग के पोलो ग्राउंड से हाथियों का जुलूस निकाला जाता है। इस मौके पर हाथियों के बीच कई प्रतियोगिताएं होती हैं, जिनमें प्रमुख तौर पर डांस, ब्यूटी व रस्साकशी शामिल होती है।

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