Jaipur News: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को दो टूक शब्दों में कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पार्टी ने कभी संसद से लेकर पंचायत तक शासन किया, वही पार्टी भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और झूठ की राजनीति के कारण आज पतन की ओर चली गई है। जयपुर स्थित जल महल में आयोजित राज्य स्तरीय स्वच्छता जागरूकता और श्रमदान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का पैसा जनता के कल्याण के लिए होता है, न कि भ्रष्टाचार के लिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन का उपयोग किसानों, मजदूरों, गरीबों और आम लोगों के हित में किया जाना चाहिए।
कांग्रेस पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में प्रदेश में कई बार परीक्षा पेपर लीक की घटनाएं हुईं, लेकिन भाजपा सरकार के कार्यकाल में ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार पांच साल में जो काम नहीं कर पाई, भाजपा सरकार ने दो साल में कर दिखाया है। शर्मा के अनुसार, सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र के करीब 70 प्रतिशत वादों को पूरा कर लिया है।
स्वच्छ और सुंदर राजस्थान का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान को स्वच्छ और सुंदर बनाना सरकार की प्राथमिकता है, लेकिन यह सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से स्वच्छता कर्मियों का सम्मान करने, स्वच्छता अभियानों में सहयोग देने और सिंगल-यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचने की अपील की।
विरासत संरक्षण पर जोर
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने जल महल जैसे ऐतिहासिक और विरासत स्थलों के संरक्षण की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना हर जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है।
स्वच्छता अभियान में लिया हिस्सा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वयं स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने पौधारोपण किया, कचरा एकत्र किया और स्वच्छता कर्मियों को पीपीई किट वितरित की। इसके अलावा उन्होंने “सिंगल-यूज प्लास्टिक मुक्त शहरों के लिए कार्यान्वयन योजना” पुस्तिका का विमोचन किया और रोड स्वीपिंग मशीन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत राज्य सरकार के प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 2.62 लाख से अधिक व्यक्तिगत शौचालयों और 4,000 से ज्यादा सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है।
