NEET Paper Leak: सालों तक दिन-रात बेजोड़ मेहनत करने वाले नीट यूजी के अभ्यर्थी परीक्षा लिखते हैं, लेकिन सिस्टम की खराबी के चलते पेपर लीक हो जाता है और यह कोई पहली दफा नहीं है। इससे पहले भी कई बार अलग-अलग परीक्षाओं के पेपर लीक होते रहे हैं। इसके बावजूद परिस्थितियां सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। ऊपर से राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने ऐसा अजीबो-गरीब बयान दिया, जिसने महज अभ्यर्थियों का मनोबल ही नहीं कमजोर किया, बल्कि उनके सपनों पर भी प्रहार किया।
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर
क्या बोल गए मदन दिलावर?
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का मानना है कि पेपर लीक कोई बड़ी बात नहीं है। मीडिया के साथ बातचीत में मदन दिलावर ने कहा, ''जांच एजेंसियों ने पाया कि गड़बड़ हुआ है तो रद्द कर दिया। इसमें कोई बड़ी बात नहीं है... जहां भी कोई गड़बड़ दिखाई देगा उसे ठीक करने के लिए सरकार काम करेगी।''
22 लाख से ज्यादा छात्रों ने दी थी परीक्षा
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पेपर लीक होने के बाद देशभर में आयोजित नीट यूजी 2026 की परीक्षा को रद्द कर दिया। इस परीक्षा में 22 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। उन्होंने जी-तोड़ मेहनत करके एक सपना देखा, जिसे पेपर माफियाओं ने कुचलने का काम किया और अब देशभर में NEET Paper Leak को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं। हालांकि, सरकार ने पेपर लीक की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा है, जो लगातार छापेमारी और गिरफ्तारियां कर रही है।
इन हालातों को देखते हुए राजस्थान के शिक्षा मंत्री के बयान को लेकर सियासत गर्मा सकती है। इस पेपर लीक मामले में राजस्थान के सीकर से जुड़े कनेक्शन को लेकर मदन दिलावर ने कहा, ''सीकर से आया हो या पश्चिम बंगाल से, जहां-जहां दोषी होंगे, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा।'' हालांकि, उन्होंने मामले में उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। जब 23 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा से जुड़ा सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अब छात्रों से फीस नहीं ली जाएगी।
