Jaipur Airport: एक ओर जहां महाराष्ट्र के बारामती में भीषण विमान हादसे में राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया, वहीं दूसरी ओर जयपुर एयरपोर्ट पर एक हादसा टल गया। जयपुर में लैंडिंग के दौरान एयर इंडिया की फ्लाइट AI-1719 के साथ हुए 'गो-अराउंड'ने न केवल यात्रियों की सांसें अटका दीं, बल्कि एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया।
राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा (फाइल फोटो | PTI)
रोंगटे खड़े कर देने वाले वो 10 मिनट
बुधवार दोपहर करीब 1:05 बजे जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उस वक्त दहशत फैल गई, जब दिल्ली से आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट रनवे को छूकर (Touchdown) अचानक फिर से आसमान की ओर उड़ गई। जानकारी के मुताबिक, इस विमान में राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा सहित लगभग 135 यात्री सवार थे। पायलट ने जैसे ही लैंडिंग का प्रयास किया, विमान की 'अप्रोच' अस्थिर (Unstable) पाई गई। सुरक्षा को देखते हुए पायलट ने तत्काल 'गो-अराउंड' का निर्णय लिया। करीब 10 मिनट तक आसमान में चक्कर काटने के बाद पायलट ने दूसरे प्रयास में विमान को सुरक्षित रनवे पर उतारा। हालांकि इस दौरान विमान में मौजूद यात्रियों के बीच चीख-पुकार और भारी तनाव का माहौल रहा।
बारामती हादसे की छाया
जयपुर की यह घटना इसलिए भी अधिक डरावनी महसूस हुई क्योंकि महज कुछ घंटे पहले ही महाराष्ट्र के बारामती में एक चार्टर्ड विमान हादसे में अजित पवार का निधन हो गया था। बारामती में अजित पवार का विमान भी लैंडिंग के समय ही दुर्घटनाग्रस्त हुआ और आग का गोला बन गया।
क्यों खतरनाक होती है 'अस्थिर लैंडिंग'
जानकारी के लिए बता दें कि लैंडिंग के दौरान अगर विमान की गति या ऊंचाई मानक के अनुसार न हो, तो उसे 'अनस्टेबल अप्रोच' कहा जाता है। ऐसे में विमान के रनवे से फिसलने या पलटने का खतरा बढ़ जाता है। जयपुर में पायलट ने सूझबूझ का इस्तेमाल करते हुए रनवे टच करने के बावजूद विमान को दोबारा हवा में ले जाकर सुरक्षित लैंडिंग कराई।
