किस जगह पर है विवाद?
बता दें कि भारत-नेपाल के बीच रोटी-बेटी का संबंध है। यानी कि दोनों देशों के लोग एक दूसरे देश में रोजगार व नौकरी करते हैं और शादियां भी होती हैं। इन सबके बावजूद कई जगहों को लेकर विवाद है। इन्हीं में एक विवादित क्षेत्र है सुस्ता क्षेत्र। सुस्ता क्षेत्र में विवाद का मुख्य कारण गंडक नदी का रास्ता बदलना है। नदी अपना मार्ग बदलती रहती है, जिस वजह से दोनों देशों के बीच विवाद है। सुस्ता क्षेत्र बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में पड़ता है, जबकि नेपाल इसे अपने देश का हिस्सा मानता है।
सुस्ता क्षेत्र में क्यों है विवाद?
सुस्ता क्षेत्र में विवाद का मुख्य कारण गंडक नदी है। नेपाल में गंडक नदी को नारायणी नदी कहते हैं। कहा जाता है कि इस विवाद के पीछे भी अंग्रेजों का ही हाथ है। 1816 में एंग्लो-नेपाली युद्ध के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी और नेपाल के बीच सुगौली संधि किया। इस संधि के तहत गंडक या नारायणी नदी को भारत-नेपाल के बीच बॉर्डर मान लिया गया। बाद में नदी अपना मार्ग बदलती रही और यहीं से विवाद का जन्म हुआ। नेपाल का कहना है कि सुस्ता क्षेत्र गंडक नदी के दायीं ओर है और संधि के मुताबिक ये हिस्सा नेपाल का है, लेकिन नदी के रास्ता बदलने के बाद सुस्ता क्षेत्र गंडक नदी के बायीं ओर है, जो भारत का हिस्सा है। यही वजह है कि नेपाल इस इलाके पर भी अपना दावा ठोकता है।
कहां है सुस्ता क्षेत्र?
बता दें कि सुस्ता क्षेत्र बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में पड़ता है। इस जगह पर भारत का अधिकार है। यह क्षेत्र वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से लगता हुआ इलाका है। यह क्षेत्र गंडक नदी के तट पर स्थित है और गंडक नदी ही यहां पर विवाद का प्रमुख कारण है। यहां अर्द्ध-सैनिक पुलिस बल और सशस्त्र सीमा बल के जवान तैनात हैं। जानकारी के अनुसार, इस जगह पर 265 से अधिक परिवार रहते हैं। नेपाल का आरोप है कि सुस्ता में 14,860 हेक्टेयर से अधिक नेपाली भूमि पर भारत ने अतिक्रमण किया गया है, जबकि भारत का दावा है कि सुस्ता भारत का हिस्सा है।
