Heatwave Alert: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, विदर्भ, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना और यूपी-दिल्ली समेत कई राज्यों में लू (Heatwave) का कहर जारी है। इस भीषण गर्मी का सबसे बड़ा कारण पश्चिमी विक्षोभ की कमी और पिछले अल नीनो का असर माना जा रहा है। देश के अलग-अलग शहरों से हमारे संवाददाताओं ने बताया है कि गर्मी का असर कैसा है, आइए जानते हैं।
आसमान से बरस रही आग
दिल्ली-NCR में येलो अलर्ट, इंडिया गेट पर सन्नाटा
रिपोर्टर गौरव श्रीवास्तव बताते हैं कि राजधानी दिल्ली और एनसीआर में तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जो सामान्य से काफी अधिक है। IMD ने यहां 'येलो अलर्ट' जारी किया है। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच चिलचिलाती धूप के कारण इंडिया गेट जैसे पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की संख्या में भारी गिरावट आई है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का बुरा हाल कर रखा है।
वाराणसी में चौराहों पर लगे हरे पर्दे
रिपोर्टर आशुतोष सिंह धर्मनगरी वाराणसी में हैं, जो बताते हैं कि बनारस में रिकॉर्डतोड़ गर्मी पड़ रही है। यहां पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। नगर निगम ने ट्रैफिक सिग्नल पर खड़े होने वाले लोगों को राहत देने के लिए प्रमुख चौराहों पर बड़े-बड़े हरे पर्दे लगाए हैं ताकि सीधी धूप से बचाव हो सके। आज के लिए मौसम विभाग ने यहां राहत के कोई संकेत नहीं दिए हैं। हालांकि एक-दो दिन में एक पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है तो बारिश और आंधी जरूर कुछ गर्मी कम करेगी।
प्रयागराज और लखनऊ में भीषण लू का अलर्ट
हमारे रिपोर्टर विनोद मिश्रा ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश में गर्मी का सबसे विकराल रूप प्रयागराज में देखने को मिला है, जहां 45.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मेरठ, आगरा और हरदोई समेत कई जिले बुरी तरह प्रभावित हैं। हालांकि, एक राहत की खबर यह है कि 26 अप्रैल से सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण हल्की बारिश और तापमान में 2-4 डिग्री की गिरावट आने की संभावना है।
जयपुर में सीजन का सबसे गर्म दिन
राजस्थान के 24 से अधिक शहरों में तापमान 40-44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। रिपोर्टर लखवीर सिंह शेखावत ने बताया कि श्रीगंगानगर 44.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा, वहीं जयपुर में सीजन का सबसे अधिक तापमान 41.8 डिग्री दर्ज किया गया। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और लोग छाते, कोल्डड्रिंक, कूलर आदि का सहारा ले रहे हैं।
गाजियाबाद में अस्पतालों में बने स्पेशल 'हीट वेव वार्ड'
यूपी का गाजियाबाद भी गर्मी के मामले में पीछे नहीं है। यहां लू के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। यहां के MMG अस्पताल में एक विशेष 20 बेड का हीट वेव वार्ड बनाया गया है, जो AC, कूलर और कोल्ड रूम की सुविधाओं से लैस है। CMS डॉ. राकेश कुमार ने सलाह दी है कि इस मौसम में लोग हल्का खाना खाएं और दोपहर में बाहर निकलने से बचें। हीटवेव को देखते हुए गाजियाबाद में स्कूलों की टाइमिंग (Ghaziabad School Timing) भी बदल दी गई है। सोमवार से अगले आदेश तक कक्षा नर्सरी से आठवीं तक के स्कूल सुबह 7:30 से दोपहर 12:30 बजे तक ही खुलेंगे।
देहरादून में बढ़े सैलानी
मैदानी इलाकों में पारा बढ़ा है तो भीषण गर्मी से बचने के लिए पर्यटकों ने उत्तराखंड के पहाड़ों का रुख किया है। रिपोर्टर अभिषेक सिन्हा ने जानकारी दी कि देहरादून के सहस्रधारा जैसे वॉटर स्पॉट्स पर भारी भीड़ देखी जा रही है। लोग पानी के पास रहकर खुद को ठंडा रखने की कोशिश कर रहे हैं।
कोलकाता और पटना में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित
चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में 38 डिग्री के तापमान के साथ चल रही गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया है। रिपोर्टर अभिषेक राज ने बताया कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। वहीं पटना में भी भीषण गर्मी का असर साफ देखा जा सकता है, जहां लोग गमछे और नारियल पानी के जरिए खुद को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे हैं। रिपोर्टर साकेत कुमार ने IMD के हवाले से जानकारी दी कि पटना समेत बिहार के कई जिलों में अगले एक-दो दिनों में बारिश होने की उम्मीद है, जिससे पारे में गिरावट दर्ज की जाएगी।
लू से कैसे बचें (How to avoid Heat Stroke in Hindi)
भीषण गर्मी और लू के प्रकोप से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि शरीर में पानी की कमी न होने दें, इसलिए प्यास न लगने पर भी समय-समय पर पानी, ओआरएस (ORS), नींबू पानी, छाछ या नारियल पानी पीते रहें। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच, जब धूप सबसे तेज होती है, बाहर निकलने से बचें और यदि निकलना जरूरी हो, तो हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें, सिर को ढंककर रखें, धूप का चश्मा और छाते का प्रयोग करें। खाली पेट घर से बाहर न निकलें और तरबूज, ककड़ी व खीरे जैसे मौसमी फलों का सेवन करें। यदि चक्कर आना, तेज सिरदर्द या बहुत अधिक थकान महसूस हो, तो तुरंत ठंडी जगह पर आराम करें और स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
