Kurukshetra Prisoner Arrested: हरियाणा के कुरुक्षेत्र में सरकारी अस्पताल के कैदी वार्ड से फरार हुआ एक हवालाती 11 दिन बाद आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपी के फरार होने और उसके बाद की कहानी इतनी फिल्मी है कि पुलिस भी सुनकर हैरान रह गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने नशे की तलब को पूरा करने के लिए पंजाब में iPhone और बाइक चोरी की और पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग जगहों पर छिपता रहा।
अस्पताल से फरार हुआ हवालाती, 11 दिन बाद गिरफ्तार
1 सितंबर को हुई थी गिरफ्तारी
आरोपी की पहचान बाबैन के गांव मंडोखरा निवासी आरोपी सतिंद्र के रूप में हुई है। कुरुक्षेत्र पुलिस ने 1 सितंबर को उसे एक महिला से कान की बालियां झपटने के मामले में गिरफ्तार किया था। वारदात के बाद ग्रामीणों ने उसे पीछा कर पकड़ लिया था और पुलिस के हवाले किया था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी पर कुरुक्षेत्र और करनाल में चोरी, छीनाझपटी और मारपीट के लगभग 10 मामले दर्ज हैं।
पुलिस को चकमा देकर अस्पताल से फरार
पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के बाद जिला जेल भेजा गया था, जहां 3-4 सितंबर की रात उसने जेल में ही फंदा लगाकर सुसाइड की कोशिश की थी। हालत बिगड़ने पर उसे LNJP सिविल अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया था। 5 सितंबर को आरोपी पुलिस गार्द के साथ वॉशरूम जाने के बहाने निकला और उसे चकमा देकर इमरजेंसी गेट के रास्ते फरार हो गया।
पंजाब में छिपाई पनाह और दिए वारदातों को अंजाम
पुलिस पूछताछ में सतिंद्र ने बताया कि अस्पताल से भागने के बाद कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पहुंचा। जहां उसने लुधियाना के लिए ट्रेन पकड़ी और रेलवे स्टेशन के पास एक पार्क में छिपकर रहने लगा। वह दिन में आसपास घूमता और रात में पार्क में ही सोता था।इसी दौरान उसे नशे की तेज तलब (चिट्टा) लगी, लेकिन उसके पास पैसा नहीं था। जिसके बाद आरोपी ने एक दुकान से दुकानदार का आईफोन चुरा लिया। फोन को बेचकर मिले पैसों से उसने नशा खरीदा। नशा खत्म होने पर उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह रास्ते में बेहोश होकर गिर पड़ा। लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां 2-3 दिन इलाज चलने के बाद उसके स्वास्थ्य में सुधार हो गया। लेकिन पुलिस के डर से वह वहां से भी भाग निकला। आरोपी अस्पताल से निकलकर वह खन्ना पहुंच गया और वहां एक बाइक चुरा ली। इसके बाद अंबाला में एक जानकार से नशा खरीदा और अपनी पहचान छिपाने के लिए बाल व दाढ़ी भी कटवा ली।
गांव लौटने पर सीआईए ने दबोचा
सतिंद्र अपने गांव मंडोखरा जाकर कपड़े और पैसे लेने की फिराक में था। पुलिस को पहले से उसके घर लौटने का अंदेशा था, इसलिए सीआईए-1 (CIA-1) की टीम ने उसके गांव के रास्तों पर जाल बिछा रखा था। इंचार्ज प्रतीक कुमार के निर्देश पर ASI गिरीवर शर्मा की टीम ने ईशरगढ़ पुल के पास पंजाब नंबर की एक संदिग्ध बाइक के साथ सतिंद्र को धर दबोचा। पुलिस ने उसके पास से चोरी की बाइक भी बरामद कर ली है और पूछताछ के बाद उसे दोबारा जेल भेज दिया गया है।
