Monu Manesar: सोमवार को नूंह में एक धार्मिक जुलूस पर हुए पथराव के बाद भड़की हिंसा ने सांप्रदायिक हिंसा का रूप ले लिया। हिंसा की आग गुड़गांव तक फैल गई है। इसके चलते प्रशासन को स्कूल-कॉलेज बंद करने का फैसला करना पड़ा। इस हिंसा के केंद्र में बजरंग दल के सदस्य मोनू मानेसर का नाम आ रहा है। उस पर फरवरी में भिवानी में दो मुस्लिम युवकों की हत्या के सिलसिले में मामला दर्ज किया गया था।
मोनू मानेसर के अलावा 20 अन्य लोगों पर भी दोनों युवकों अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया गया था। ये दो युवक 16 फरवरी को एक जली हुई गाड़ी के अंदर मृत पाए गए थे। पुलिस ने कहा कि नूंह हिंसा ये अफवाह फैलने के बाद भड़की थी कि बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित धार्मिक जुलूस में मोनू मानेसर भी शामिल होगा। मानेसर ने इसका एक वीडियो भी रविवार को ऑनलाइन पोस्ट किया था। इस खबर और वीडियो ने आग में घी का काम किया। अगले दिन दोपहर 2 बजे हिंसा भड़क गई। हिंसा और झड़पों में दो पुलिसकर्मियों सहित तीन लोगों की मौत हो गई और 200 से अधिक लोग घायल हो गए।
कौन हैं मोनू मानेसर?
- मोहित यादव उर्फ मोनू मानेसर हरियाणा में बजरंग दल की गौरक्षक शाखा का प्रमुख है। मानेसर भिवानी हत्याकांड में अपनी संलिप्तता से इनकार करता रहा है। इस मामले मे दो चचेरे भाइयों जुनैद और नासिर की हत्या की गई थी। इनके जले हुए शव भिवानी जिले में एक गाड़ी के अंदर पाए गए थे। उनके परिवारों ने आरोप लगाया था कि बजरंग दल के सदस्यों ने उनका अपहरण कर उनकी हत्या कर दी। लेकिन संगठन ने आरोपों से इनकार किया है.
- मानेसर की पुलिस अधिकारियों और नौकरशाहों के साथ तस्वीरें पिछले दिनों सामने आ चुकी हैं। पिछले दिनों उसका यूट्यूब चैनल भी सामने आया था, जिसमें दिखाया गया था कि कैसे गौरक्षक समूह गौ तस्करों को पकड़ता है।
- अक्टूबर 2022 में मानेसर को अपने चैनल पर 1 लाख सब्सक्राइबर्स को पार करने के लिए यूट्यूब से सिल्वर प्ले बटन मिला था।
- बताया जाता है कि मोनू मानेसर पॉलिटेक्निक डिप्लोमा धारक है और कॉलेज के दूसरे वर्ष के दौरान बजरंग दल में शामिल हो गया था।
गोरक्षकों का प्रमुख चेहरा
बजरंग दल का सदस्य मोनू मानेसर हरियाणा खासकर मेवात क्षेत्र में गोरक्षकों का प्रमुख चेहरा है। वह अपने कुछ साथियों के साथ गो-तस्करी रोकने का काम करता है। गोतस्करी विरोधी अभियानों को लेकर मोनू मानेसर पहले भी सुर्खियां बटोर चुका है। मोनू मानेसर के फेसबुक पर 83000 और यूट्यूब पर 2,05,000 सब्सक्राइबर्स हैं। वह यूट्यूब चैनल पर अक्सर गोरक्षा से जुड़े वीडियो साझा करता है।
कैसे भड़की हिंसा?
बताया जा रहा है कि मोनू मानेसर ने एक दिन पहले ही वीडियो जारी करके ऐलान किया था कि वह धार्मिक यात्रा में शामिल होने जा रहा है। मोनू मानेसर के मेवात आने की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों ने एक दूसरे को चुनौती और धमकी देना शुरू कर दिया था। बृजमंडल यात्रा गुरुग्राम के सिविल लाइन से शुरू हुई थी और दोपहर में नूंह के खेड़ला मोड़ के आसपास पहुंचने पर इस पर पथराव हो गया। दूसरे समुदाय के कुछ युवकों ने यात्रा रोक दी और भीड़ ने जुलूस पर पथराव कर दिया गया। उपद्रवियों ने मौके पर मौजूद पुलिस पर भी पथराव किया। कुछ ही देर में नूंह शहर में भी उपद्रव फैल गया।
