Gurugram News : अगर आप छोटी या बड़ी बीमारी में किसी भी क्लीनिक में डॉक्टर से चेकअप करा लेते हैं तो सावधान हो जाइए। दरअसल, गुरुग्राम में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक फर्जी क्लीनिक का भंडाफोड़ किया है। जहां पर आरोपी पिछले 17 साल से डॉक्अर बनकर लोगों को इलाज के नाम पर ठग रहा था। उसने अपने क्लीनिक में मरीजों को देने के लिए कई सुविधाएं रखी थीं। मरीज वहां भर्ती हो सकते थे और उनके लिए कई मशीनें भी थीं। आरोपी के बारे मे जानकारी तब मिली जब सीएम फ्लाइंग और स्वास्थ्य विभाग की टीम उसके क्लीनिक पर छापेमारी की।
गुरुग्राम में आरोपी को गिरफ्तार किया गया। (प्रतीकात्मक फोटो)
टीम को कैसे मिली जानकारी
सीएम फ्लाइंग की टीम को पिछले काफी समय से गढ़ी हरसरू रेलवे स्टेशन के पास अवैध तरीके शांति क्लीनिक चलाए जाने की सूचना मिल रही थी। तभी टीम ने स्वास्थ्य विभाग के साथ संयुक्त रूप से छापेमारी करने की योजना बनाई। इसके लिए दोनों विभागों ने एक स्पेशल टीम का गठन किया। इस टीम के साथ मौके पर गढ़ी हरसरू पीएचसी के डॉक्टर गुरिंदर सिंह भी छापेमारी करने लिए पहुंचे थे।
डिग्री तक नहीं दिखा सका आरोपी
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, सीएम फ्लाइंग और स्वास्थ्य विभाग की टीम जैसे ही शांति क्लीनिक पर पहुंची तो उनका परिचय अजय नाम व्यक्ति से हुआ जो कि क्लीनिक और लैब चलाता है। इसके बाद टीम ने अजय से उसकी डिग्री और डिपलोमा दिखाने के लिए कहा। जब वो ये दोनों ही चीजें नहीं दिखा सका तो टीम ने उसको क्लीनिक चलाने का लाइसेंस दिखाने के लिए कहा। छापेमारी करने आई टीम ने उसके क्लीनिक पर जांच की तो उन्हें बड़ी मात्रा में दवाइयां मिलीं। इसके साथ ही टीम को ग्लूकोमीटर, बीपी अपार्टस और माइक्रोस्कोप समेत तमाम मेडिकल उपकरणों के बिल मिले।
यूपी का रहने वाला है आरोपी
डॉक्टर गुरिंदर सिंह कहना था कि पिछले 17 सालों से डॉक्टर बनकर अजय इसी क्लीनिक में हजारों लोगों को इलाज के नाम पर ठग चुका है। वहीं, पुलिस ने बताया है कि आरोपी युवक यूपी के प्रतापगढ़ का रहने वाला है। इस पर कार्रवाई करते हुए एनएमसी एक्ट 2019, धोखाधड़ी व मानव जीवन के खिलवाड़ करने की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि बाद में जमानत पर उसे छोड़ दिया गया।
