Haryana Ka Mausam: हरियाणा और पंजाब समेत दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में मॉनसूनी हवाओं का रुख कमजोर पड़ गया है। पूरा सावन बीत जाने के बाद भी बारिश का औसत काफी कम रहा है। हालांकि, बीच-बीच में बादल बौछारे करने आ रहे हैं, लेकिन तेज बारिश का इंतजार अभी भी बाकी है। शुक्रवार को हरियाणा राज्य के कैथल, करनाल, पानीपत, जींद, कुरुक्षेत्र और गुरुग्राम-फरीदाबाद में मामूली बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ा राहत महसूस हुई। उधर, कुरुक्षेत्र में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
मॉनसून के फिर से एक्टिव होने की संभावना
शुक्रवार को कुरुक्षेत्र में तेज बारिश से नेशनल हाईवे-44 पर पानी भर गया। इसी तरह पानीपत में तेज बारिश से एक दीवार ढह गई, जिसके मलबे में एक कार दब गई। आईएमडी के मुताबिक, अब मॉनसून धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है। इसके बावजूद बारिश का दौर जारी रहेगा। हरियाणा के पश्चिमी, दक्षिणी और मध्य जिलों में बारिश के आसार अधिक हैं। 26 अगस्त के बाद उत्तरी जिलों में मॉनसून के फिर से एक्टिव होने की संभावना बन रही है।कहां कितनी हुई बारिश
राज्य के नूंह, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, झज्जर और गुरुग्राम में अबतक सामान्य से अधिक वर्षा हुई है। बाकी के जिलों में बारिश की कमी देखी जा रही है। ओवरऑल राज्य में 19 फीसदी बारिश कम हुई है। यानी प्रदेश भर में अबतक 282.6 मिमि. बारिश दर्ज की गई है। सबसे कम पंचकुला में सामान्य 50 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। इसके अलावा, यमुना नगर व सोनीपत में सामान्य से 39 प्रतिशत, रोहतक में 36 और जींद में सामान्य से 38 फीसदी कम बारिश हुई है।
