मध्य काल में हिंदुस्तान पर कब्जे के लिए कई बार पानीपत में जंग लड़ी गईं। लेकिन आज पानीपत पर कब्जे के लिए राजनीतिक दलों के बीच जमकर जुबानी जंग हो रही है। पानीपत का मेयर चुनने के लिए शहर में रविवार 9 मार्च को मतदान होना है। मतदान से पहले आज यानी शुक्रवार 7 मार्च को प्रचार का अंतिम दिन है। आज प्रचार के अंतिम दिन सभी उम्मीदवारों ने अपनी पूरी ताकत झौंक दी है।
पानीपत में 9 मार्च को होगा मतदान
हाल ही में फरीदाबाद सहित राज्य के ई शहरों के निकाय चुनाव में मतदाताओं ने कोई खास रुचि नहीं दिखायी है। ज्यादातर जगहों पर मतदान का प्रतिशत 50 फीसद से कम ही रहा। मतदाताओं की इस बेरुखी से राजनीतिक दल काफी चिंतित हैं। मतदाताओं को घरों से बाहर निकालने के लिए तमाम राजनीतिक दल हर तरह के प्रयास कर रहे हैं, ताकि 9 मार्च को पानीपत में अच्छा वोटर टर्नआउट देखने को मिले।
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पानीपत नगर निगम (Panipat Municipal Corporation) के लिए प्रचार का शोर आज शाम थम जाएगा। कल यानी शनिवार 8 मार्च को महिला दिवस के अवसर पर प्रत्याशी घर-घर कैंपेन करेंगे। भाजपा ने अपने प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने के लिए राज्य के बड़े-बड़े नेताओं प्रचार में उतारा है। उधर कांग्रेस के बड़े नेताओं ने पानीपत की इस जंग में अपने प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार करने में कोई रुचि नहीं दिखाई है।
चतुष्कोणीय है पानीपत की जंग
इस बार पानीपत में मेयर पद के लिए मुकाबला चतुष्कोणीय है। यानी चार उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। इसमें भाजपा की तरफ से कोमल सैनी को उम्मीदवार बनाया गया है, जबकि कांग्रेस ने सविता गर्ग को मैदान में उतारा है। आम आदमी पार्टी की तरफ से प्रीतपाल खेड़ा मेयर पद के उम्मीदवार हैं, बकि निर्दलीय केवल सिंह भी मेयर पद की रेस में हैं।
भाजपा ने पानीपत के सभी 26 वार्ड में अपने 26 उम्मीदवार उतारे हैं। उधर कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर सिर्फ 20 उम्मीदवार ही चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि कांग्रेस की तरफ से 6 निर्दलीय उम्मीदवारों को समर्थन दिया गया है।
