Gujarat UCC 2026 Presidential Assent: गुजरात से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य के यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC-2026) बिल को देश की राष्ट्रपति की तरफ से आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद गुजरात सरकार ने इसे 'गुजरात एक्ट नंबर 15 ऑफ 2026' के रूप में अधिसूचित करते हुए 1 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक गुजरात गजट (Gazette) में प्रकाशित कर दिया है।
गुजरात में यूनिफॉर्म सिविल कोड-2026 लागू: राष्ट्रपति की मिली हरी झंडी, शादी और लिव-इन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, उल्लंघन पर भारी जुर्माना
यह कानून राज्य सरकार द्वारा जारी की जाने वाली आगामी अधिसूचना की तिथि से पूरे गुजरात में पूरी तरह से प्रभावी हो जाएगा। इसके साथ ही उत्तराखंड के बाद गुजरात देश का ऐसा राज्य बन गया है जहां समान नागरिक संहिता लागू होने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
शादी का रजिस्ट्रेशन 60 दिनों में अनिवार्य; भारी जुर्माने का प्रावधान
गुजरात UCC-2026 के लागू होने के बाद विवाह (Marriage) और तलाक (Divorce) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव आएगा:
60 दिनों की सीमा: विवाह संपन्न होने के 60 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन के लिए मेमोरेंडम जमा करना अनिवार्य होगा।
लापरवाही पर जुर्माना: निर्धारित समय में शादी का पंजीकरण न कराने पर ₹10,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
नोटिस के बाद भी अनदेखी: यदि नोटिस जारी किए जाने के बाद भी रजिस्ट्रेशन नहीं कराया जाता है, तो जुर्माने की राशि बढ़कर ₹25,000 तक हो सकती है।
लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर कड़े और स्पष्ट नियम
UCC के तहत लिव-इन रिलेशनशिप (Live-in Relationship) को भी कानूनी दायरे में लाते हुए इसके रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य बनाया गया है:
कानूनी दर्जा व भरण-पोषण: लिव-इन रिलेशनशिप से जन्म लेने वाले बच्चे को वैध/कानूनी संतान का पूर्ण दर्जा प्राप्त होगा। इसके अलावा, यदि पुरुष साथी महिला को छोड़ता है, तो महिला को भरण-पोषण मांगने का कानूनी अधिकार होगा।
गलत जानकारी देने पर सजा: लिव-इन रजिस्ट्रेशन के दौरान झूठी या गलत जानकारी देने पर 3 महीने तक की जेल या ₹25,000 तक का जुर्माना (या दोनों) हो सकता है।
नाबालिगों के लिए रोक: किसी भी नाबालिग के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने को लेकर अत्यंत सख्त और दंडात्मक प्रावधान शामिल किए गए हैं।
अनुसूची जनजातियों (ST) को छूट और पुराने कानूनों पर प्रभाव
अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) को छूट: संविधान के Part XXI के तहत संरक्षित परंपरागत अधिकारों वाले समूहों और अनुसूचित जनजातियों (ST) को इस UCC कानून के दायरे से बाहर रखा गया है।
पुराना कानून रद्द: इस नए कानून के लागू होते ही 'Gujarat Registration of Marriages Act, 2006' को निरस्त (Repeal) कर दिया जाएगा। साथ ही, शादी व तलाक से जुड़े पुराने व्यक्तिगत कानूनों की असंगत धाराएं UCC के प्रभाव से बेअसर हो जाएंगी।
मार्च 2026 में विधानसभा में पास हुआ था बिल
गौरतलब है कि गुजरात सरकार ने मार्च 2026 में UCC बिल को राज्य विधानसभा में पेश कर पास कराया था। इसके बाद इसे अंतिम मंजूरी और हस्ताक्षर के लिए राष्ट्रपति भवन भेजा गया था। राष्ट्रपति की मोहर लगते ही अब गुजरात में UCC-2026 लागू होने का ऐतिहासिक रास्ता साफ हो गया है।
