अगर आप Greater Noida में रहते हैं और आपके बच्चे स्कूल बस से स्कूल जाते हैं तो यह खबर खासतौर पर आपके लिए ही है। कल सुबह जब आप अपने बच्चे को स्कूल बस में बैठाने के लिए जाएं तो एक बार बस ड्राइवर और स्टाफ से जरूरत बात करें। हो सके तो एक बार स्कूल चले जाएं तो आपके बच्चे जिस बस से स्कूल आते-जाते हैं, उसके बारे में पूरी जानकारी ले लें। क्योंकि जिले में कुल 140 स्कूल बसें बिना फिटनेस के चल रही हैं। बिना फिटनेस के बसों का चलने का मतलब है कि आपके बच्चे को खतरा हो सकता है।
गौतम बुद्ध नगर जिले में बिना फिटनेस के चल रही 140 स्कूल बसें
दरअसल स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। गौतमबुद्ध नगर जिले में स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाले कुल 140 वाहनों को नोटिस जारी किया गया है। इन गाड़ियों के पास या तो वैध फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं था या फिर उनका परमिट खत्म हो चुका है।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई परिवहन आयुक्त के निर्देश पर शुरू की गई है। जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे सिर्फ वैध दस्तावेजों वाली गाड़ियों का ही इस्तेमाल करें। क्षेत्रीय परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि जिन गाड़ियों के फिटनेस सर्टिफिकेट या परमिट खत्म हो चुके हैं, उन्हें तुरंत बंद किया जाए और उनके दस्तावेजों को रिन्यू कराया जाए।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) उदित नारायण पांडेय ने बताया कि कुल 47 स्कूल बसें और 93 कॉन्ट्रैक्ट वाहन ऐसे पाए गए, जिनके जरूरी दस्तावेज समाप्त हो चुके थे। इन सभी वाहन मालिकों को नोटिस जारी कर दिया गया है। परिवहन विभाग ने इस मामले में सख्ती बढ़ाते हुए विशेष जांच अभियान भी शुरू किया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वाले स्कूल मैनेजमेंट और वाहन मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें FIR दर्ज करना भी शामिल है।
प्रशासन ने स्कूलों से अपील की है कि वे छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और सिर्फ उन्हीं गाड़ियों को संचालन में लाएं, जिनके पास वैध फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट, इंश्योरेंस और पीयूसी जैसे सभी दस्तावेज हों। इसके अलावा ड्राइवरों के पास वैध लाइसेंस होना, पुलिस वैरिफिकेशन, मेडिकल जांच और ट्रेनिंग भी जरूरी है।
सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने के लिए स्कूल वाहनों में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे, फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट-एड किट, सीट बेल्ट और इमरजेंसी एग्जिट जैसे फीचर्स को अनिवार्य किया गया है। प्रशासन ने स्कूलों को ट्रांसपोर्ट सेफ्टी कमेटी बनाने के भी निर्देश दिए हैं, जो समय-समय पर नियमों की समीक्षा करेगी।
आने वाले दिनों में इस तरह के चेकिंग कैंपेन और तेज किए जाएंगे, ताकि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
