Greater Noida News: दिल्ली-एनसीआर में लिफ्ट देने के बहाने राहगीरों से लूटपाट करने वाले एक सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ हो गया है। ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाना पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंग के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी लग्जरी कारों का इस्तेमाल कर यात्रियों और टैक्सी चालकों को अपना शिकार बनाते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से 20 मोबाइल फोन, दो महंगी कारें और हथियार भी बरामद किए हैं।
ग्रेटर नोएडा में सूरजपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह काफी शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देता था। आरोपी रात के समय सुनसान इलाकों में लग्जरी कारों से घूमते और अकेले यात्रा कर रहे लोगों को अपना निशाना बनाते थे। ये लोग मदद करने या लिफ्ट देने के बहाने यात्रियों को अपनी गाड़ी में बैठा लेते थे। जैसे ही वाहन किसी सुनसान जगह पर पहुंचता, आरोपी अपना असली चेहरा दिखा देते थे। वे यात्रियों के साथ मारपीट कर हथियारों के बल पर मोबाइल, नकदी और अन्य कीमती सामान लूट लेते थे और बाद में उन्हें रास्ते में छोड़कर फरार हो जाते थे। यह गिरोह सिर्फ आम राहगीरों को ही नहीं, बल्कि टैक्सी चालकों को भी निशाना बनाता था। ये आरोपी सवारी बनकर टैक्सी में बैठते और फिर सुनसान स्थान पर ले जाकर चालक से भी लूटपाट कर लेते थे।
पुलिस जांच में और क्या हुआ खुलासा?
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी वारदात को अंजाम देने के लिए किराए पर लग्जरी कारें लेते थे। वारदात के बाद वे उन गाड़ियों को उनके मालिकों को वापस लौटा देते थे, जिससे पुलिस को उनकी पहचान करने में काफी मुश्किल होती थी। इसी वजह से यह गिरोह लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि लूट से प्राप्त रकम को वे आपस में बांटकर अपने शौक और खर्चों को पूरा करते थे।
पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी
आरोपी लूटे गए मोबाइल फोन को कम दामों पर बेचकर भी पैसे कमाते थे और उसी से अपने खर्च पूरे करते थे। सूरजपुर पुलिस ने इनके कब्जे से 20 मोबाइल फोन, दो लग्जरी कारें, दो अवैध तमंचे, जिंदा कारतूस और तीन चाकू बरामद किए हैं। इसके बाद सभी आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है। पुलिस अब इस पूरे गिरोह के नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और उन लोगों की भी तलाश में जुटी है जो इनसे चोरी के मोबाइल खरीदते थे। अधिकारियों को आशंका है कि इस गिरोह के संबंध अन्य कई स्थानों तक फैले हो सकते हैं।
