Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा के यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में बना रहे जेवर एयरपोर्ट के आसपास भूमाफिया भी एक्टिव हो गए हैं। भूमफिया अधिग्रहण होने वाली जमीनों पर पहले से ही कब्जा कर उस पर अवैध निर्माण कर रहे हैं, ताकि मुआवजे की राशि को बढ़ाया जा सके और लोगों को ठगा जा सके। जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण के भूमि अधिग्रहण का काम तेजी से चल रहा है, इसकाे देखते हुए अधिकारियों ने यमुना प्राधिकरण में आई करीब 350 फाइलों को रोक दिया है और उनकी जांच की जा रही है। अफसरों ने जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए अधिग्रहित की जा रही जमीन के मुआवजे की 350 फाइलों पर रोक लगा दी है।
जेवर एयरपोर्ट की जमीन पर भूमाफिया एक्टिव
कई गुना बढ़े जमीनों के दाम
अफसरों को कहना है कि जेवर एयरपोर्ट के नाम पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। जेवर एयरपोर्ट बनने के कारण यहां आसपास की जमीनों के रेट कई गुना बढ़ गए हैं। इन्हीं बढ़े हुए रेटों का फायदा उठाकर कुछ भूमाफिया बड़ा खेला करने में जुट गए हैं। जेवर एयरपोर्ट के प्रशासक तथा जेवर के उपजिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए जमीन अधिग्रहण का काम तेजी से चल रहा है। इस बीच पता चला है कि कुछ भूमाफियाओं ने यहां के कुछ किसानों के साथ सांठ गांठ करके अधिग्रहित होने वाली जमीनों पर अवैध निर्माण कर लिया है।
एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए जमीन अधिग्रहण
जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण के निर्माण के लिए 11 81.27 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण का काम चल रहा है। यह जमीन जेवर एयरपोर्ट के पास स्थित रन्हेरा, कुरैब, करौली बांगर, दयानतपुर, बीरमपुर तथा मुढरह गांव की है। एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए इस जमीन का अधिग्रहण पूर्ण होने से पहले ही कुछ भू माफियाओं ने किसानों से सेटिंग करके उनकी जमीनों पर अवैध निर्माण कर डाला। इस अवैध निर्माण का फायदा उठाकर भू माफिया शासन व प्रशासन से मोटा फायदा वसूलना चाहते हैं।
मुआवजे की 350 फाइलों पर रोक
एयरपोर्ट के प्रशासक अभय कुमार सिंह ने मामले की बारीकी से छानबीन करके जेवर एयरपोर्ट के आसपास के किसानों के मुआवजे की 350 फाइलों पर रोक लगा दी है। अब भू माफिया तथा फाइलों पर रोक लगने वाले किसान आपस में लड़ रहे हैं। किसानो की कुछ जमीनों पर भू माफियाओं ने जबरन कब्जे करके भी अवैध निर्माण कर डाला है। यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी भूमाफिया काफी जमीनों पर अवैध निर्माण कर चुके हैं और जिन्हें कब्जा मुक्त भी कराया गया है। इसके साथ-साथ यमुना अथॉरिटी के अधिकारियों ने ऐसे भूमाफिया को चिन्हित कर उनके खिलाफ एफआईआर भी कराई है।
