नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (NPCL) ने ग्रेटर नोएडा में मौजूद कुलेसरा में रविवार को चोरी की बिजली से संचालित चार्जिंग स्टेशन का खुलासा किया। जानकारी के अनुसार, यहां एक साथ 21 ई-रिक्शा चार्ज होते मिले। आरोपी महिला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई और 23.9 लाख का जुर्माना लगाया गया। बिजली चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत निगरानी विभाग की टीम ने कुलेसरा गांव में छापेमारी की। कंपनी के प्रवक्ता, मनोज झा ने बताया कि इस छापेमारी के दौरान चोरी की बिजली से संचालित एक चार्जिंग स्टेशन का पता चला।
अवैध कनेक्शन से चल रहे ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन का हुआ पर्दाफाश
जांच के दौरान पाया गया कि आरोपी महिला संतोष ने अपने घर पर ट्रांसफार्मर से अवैध केबल जोड़कर चोरी की बिजली से 21 ई-रिक्शा चार्ज किए। जांच में ये भी सामने आया कि बिजली कनेक्शन होने के बावजूद चार्जिंग स्टेशन का संचालन चोरी की बिजली से किया जा रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, करीब 40 किलोवाट लोड की बिजली चोरी की जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, आरोपी महिला पर 23 लाख 9 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया और उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
एनपीसीएल की गांवों में छापेमारी
बिजली चोरी रोकने के लिए एनपीसीएल की निगरानी टीम सेक्टरों और गांवों में छापेमारी कर रही है। उन गांवों की पहचान कर ली गई है, जहां बिजली चोरी सबसे अधिक हो रही है। बड़े बकाएदारों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। एनपीसीएल के प्रवक्ता के अनुसार, ये अभियान आगे भी जारी रहेगा। बिजली चोरी पर नजर रखने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
