Greater Noida News: यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट पर सोमवार को यमुना प्राधिकरण से प्रभावित किसानों की बड़ी महापंचायत आयोजित हुई। लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर बड़ी संख्या में किसान यहां इकट्ठा हुए और प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। किसानों का कहना है कि उनकी समस्याओं का समाधान कई सालों से नहीं किया गया, जिसके चलते उन्हें एक बार फिर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
क्या है किसानों की मांग
महापंचायत में किसानों की प्रमुख मांग यमुना एक्सप्रेसवे परियोजना में अधिग्रहित की गई जमीन के बदले 64 प्रतिशत बढ़ा हुआ मुआवजा देने की है। इसके साथ ही आबादी निस्तारण को लेकर भी किसान स्पष्ट मांग रख रहे हैं। उनका कहना है कि जिन किसानों की जमीन गई है, उन्हें 10 प्रतिशत आबादी प्लॉट दिए जाएं और जो परिवार वर्तमान में गांवों में जिस स्थिति में रह रहे हैं, उन्हें उसी स्थिति में बनाए रखा जाए। किसानों ने ग्रामीण क्षेत्रों में कमर्शियल गतिविधियों पर रोक न लगाने और गांवों में नक्शा नीति लागू न करने की भी मांग की है।
जेवर एयरपोर्ट में जमीन के बदले रोजगार
किसानों ने जेवर एयरपोर्ट परियोजना का मुद्दा भी महापंचायत में प्रमुखता से उठाया। उनका आरोप है कि जिन परिवारों की जमीन एयरपोर्ट निर्माण के लिए ली गई, उन्हें रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक कई प्रभावित परिवारों को नौकरी नहीं मिली है। किसानों का कहना है कि जब तक इन परिवारों को रोजगार नहीं दिया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
पुलिस बल अलर्ट
महापंचायत को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। किसान नेताओं का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
