Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा के जेवर में एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट हब रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपनी पहली उड़ान के लिए पूरी तरह से तैयार है और लोगों को बड़ी बेसब्री से इसका इंतजार भी है। यह एयरपोर्ट लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण से लेकर ट्रायल तक हर बार जेवर एयरपोर्ट पर खूब बातचीत होती है। यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश और NCR की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ हवाई कनेक्टिविटी को देगा। अच्छी बात ये है कि अब यह उद्घाटन के लिए बिल्कुल तैयार है। ऐसे में आपके जेहन में प्रश्न होगा कि जब तैयार है तो उद्घाटन हो क्यों नहीं रहा। चलिए जानते हैं सभी बारीकियां -
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन की उल्टी गिनती शुरू!
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपनी पहली कॉमर्शियल उड़ान के लिए बिल्कुल तैयार है। हालांकि, निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद सुरभा मंजूरी और औपचारिक प्रक्रियाओं के कारण इसके संचालन में देरी का सामना करना पड़ा है।
कब होगा जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन?
जेवर एयरपोर्ट के रनवे पर ट्रायल पूरा किया जा चुका है
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड और यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। यात्रियों की सुरभा, आगमन-प्रस्थान, बैगेज हैंडलिंग और अन्य सभी सुविधाएं भी एयरपोर्ट पर तैयार हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही सेवा तीर्थ यानी प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से उद्घाटन की तारीख तय होगी, वैसे ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन कर दिया जाएगा। हाल में ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) ने भी चार दिन तक एयरपोर्ट का इंस्पेक्शन किया और पहले बताई गई खामियों को भी दूर कर दिया गया है।
एयरपोर्ट के उद्घाटन में देरी क्यों?
किसी भी एयरपोर्ट के संचालन के लिए एयरोड्रोम लाइसेंस जरूरी होता है। यह लाइसेंस बीसीएएस की रिपोर्ट के आधार पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) जारी करता है। एयरपोर्ट सुरक्षा के तहत अलार्म सिस्टम, कैमेरे, वॉचटावर और सिक्योरिटी पेरिमीटर जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य होती हैं। इनके बिना किसी भी एयरपोर्ट से उड़ाने सेवाएं संभव नहीं हो पाती हैं।
CM योगी आदित्यनाथ यहां आकर काम का जायजा लेते रहते हैं
राकेश कुमार सिंह ने जानकारी दी कि सुरक्षा से जुड़ी सभी जरूरतें पूरी कर ली गई हैं। जैसे ही DGCA लाइसेंस जारी करगा, राज्य सरकार की तरफ से PMO को उद्घाटन की तारीख तय करने की रिक्वेस्ट की जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि एयरपोर्ट के उद्घाटन के लिए अब ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
ये भी पढ़ें - अर्जुन छाल का कारोबार सबसे ज्यादा इन शहरों में होता है
एयरपोर्ट को मिलेगी बेहतरीन सड़क कनेक्टिविटी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की लोकेशन उसकी ताकत है, क्योंकि यह दिल्ली-एनसीआर के अंदर है। इसके बाद एयरपोर्ट तक बेहतरीन कनेक्टिविटी जेवर में बन रहे इस एयरपोर्ट की यूएसपी बन जाती है। यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे बन रहे इस एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से भी कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा यह एयरपोर्ट यमुना प्राधिकरण की 60 और 130 मीटर चौड़ी सड़कों से सीधे जुड़ा होगा। यही नहीं NHAI की प्रस्तावित खुर्जा-पलवल रोड से भी इस एयरपोर्ट को कनेक्टिविटी मिलेगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से NCR, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों तक को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा RRTS (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) भी जेवर में बन रहे इस एयरपोर्ट तक प्रस्तावित है, जो ग्रेटर नोएडा वेस्ट होते हुए यहां पहुंचेगा। RRTS प्रोजेक्ट के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है और फिलहाल डीपीआर पर काम चल रहा है।
एयरपोर्ट से स्थानीय लोगों को क्या फायदा होगा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से न सिर्फ नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक ढांचे को मजबूती मिलेगी, बल्कि इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार अवसर पैदा होंगे।
पूरी तरह से तैयार होने के बाद ऐसा दिखेगा जेवर में बन रहा एयरपोर्ट
स्थानीय लोगों को क्या मिलेगा फायदा?
नोएडा एयरपोर्ट से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक ढांचे को मजबूती मिलेगी। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। एयरपोर्ट के चालू होने से क्षेत्र में औद्योगिक, आवासीय और सेवा क्षेत्र का तेजी से विकास होगा। इससे ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में शिक्षा, रोजगार, आवास और परिवहन का पूरा इकोसिस्टम तैयार होगा।
FAQs
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन कब होगा?
निर्माण पूरा हो चुका है। प्रधानमंत्री कार्यालय से तारीख तय होते ही एयरपोर्ट का उद्घाटन किया जाएगा।
जेवर एयरपोर्ट शुरू होने में देरी क्यों हुई?
सुरक्षा मानकों और एयरोड्रोम लाइसेंस से जुड़ी औपचारिक प्रक्रियाओं के कारण संचालन में देरी हुई।
एयरोड्रोम लाइसेंस कौन जारी करता है?
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) बीसीएएस की रिपोर्ट के आधार पर एयरोड्रोम लाइसेंस जारी करता है।
क्या नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कार्य पूरा हो गया है?
हां, टर्मिनल, रनवे, बैगेज सिस्टम और यात्री सुरक्षा से जुड़े सभी कार्य पूरे हो चुके हैं।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी किन मार्गों से होगी?
यह यमुना, गंगा, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल से सीधे जुड़ेगा।
क्या आरआरटीएस से जेवर एयरपोर्ट को जोड़ा जाएगा?
हां, आरआरटीएस कनेक्टिविटी को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है और डीपीआर पर काम चल रहा है।
स्थानीय लोगों को जेवर एयरपोर्ट से क्या लाभ होगा?
रोजगार के नए अवसर, औद्योगिक विकास और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र में सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं?
पुलिस गश्त, अस्थायी चौकियां, नया थाना, सीसीटीवी और बेहतर लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है।
