Delhi CM Rekha Gupta: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राज्य सरकार द्वारा संचालित शराब खुदरा एजेंसियों के पिछले पांच वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड का विस्तृत ऑडिट और क्रॉस-वेरिफिकेशन कराने का आदेश दिया है। अधिकारियों के अनुसार सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट वित्त विभाग को सौंपें। यह कदम संभावित अनियमितताओं को लेकर उठाया गया है, क्योंकि हालिया जांच में कुछ इकाइयों के खातों का लंबे समय से सही मिलान न होने की बात सामने आई है, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
दिल्ली के 700 से अधिक शराब की दुकानों पर लटकी तलवार, सीएम रेखा ने सरकारी ठेकों के लिए जारी किया ये आदेश
लापरवाही बर्दाश्त नहीं
दिल्ली में फिलहाल चार सरकारी एजेंसियों द्वारा संचालित 700 से अधिक शराब दुकानें हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि खातों में लापरवाही, गड़बड़ी या वित्तीय कुप्रबंधन किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एजेंसियों को बिक्री, खरीद, स्टॉक और नकद खातों सहित सभी वित्तीय और परिचालन रिकॉर्ड का मिलान कर हर एंट्री की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य सिर्फ रिकॉर्ड दुरुस्त करना ही नहीं, बल्कि सख्त निगरानी और एंड-टू-एंड सत्यापन के साथ मजबूत वित्तीय निगरानी प्रणाली स्थापित करना भी है।
सीएम रेखा ने क्या ऑर्डर दिया?
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शराब बिक्री से जुड़े सरकारी उपक्रमों के खातों की सख्त जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पिछले 5 साल के रिकॉर्ड का क्रॉस-वेरिफिकेशन करेगी ताकि किसी भी गड़बड़ी को पकड़ा जा सके। शराब बेचने वाले सरकारी उपक्रमों के 5 साल के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच होगी। बिक्री, खरीद, स्टॉक और नकद खातों का पूरा मिलान किया जाएगा।
बताया गया कि कई सरकारी संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे शराब के रिटेल आउटलेट जांच के दायरे में हैं। आबकारी विभाग के साथ मिलकर क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाएगा। बिक्री और राजस्व आंकड़ों की स्वतंत्र जांच भी होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी अनियमितता पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कहा गया कि सभी संस्थाओं को 2 महीने में रिपोर्ट वित्त विभाग को देनी होगी। सरकार ने कहा कि हमारा जोर सार्वजनिक धन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है।
