Ghaziabad News: आगामी त्योहारों और संभावित विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए गाजियाबाद कमिश्नरेट में धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है, पहले IPC में यह धारा 144 के तहत आता था। यह आदेश 16 फरवरी 2026 की आधी रात तक प्रभावी रहेगा। गणतंत्र दिवस, गुरु रविदास जयंती, महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती और महाशिवरात्रि सहित अन्य धार्मिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक कार्यक्रमों को देखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है।
गाजियाबाद में धारा 163 लागू (सांकेतिक तस्वीर: iStock)
चार से अधिक लोगों के इकट्ठा हो होने पर रोक
जारी आदेश के अनुसार, किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने, धरना, जुलूस, रैली और प्रदर्शन पर पूरा प्रतिबंध रहेगा। हालांकि विवाह समारोह और शव यात्राओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। बिना अनुमति कोई भी सभा, सम्मेलन या जुलूस नहीं निकाला जा सकेगा।
इसके अलावा प्रशासन ने साफ किया है कि ऐसे किसी भी व्यक्ति को गांव, मोहल्ले या कॉलोनियों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिससे वहां तनाव या विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसके साथ ही जातिगत, धार्मिक या राजनीतिक भावनाएं भड़काने वाली गतिविधियों पर भी सख्त रोक रहेगी।
हथियार और ज्वलनशील पदार्थ ले जाना प्रतिबंधित
निषेधाज्ञा के दौरान चाकू, तलवार, भाला, बरछी जैसे हथियार, विस्फोटक सामग्री या हमला करने में प्रयुक्त होने वाली वस्तुएं लेकर चलने पर रोक लगाई गई है। सार्वजनिक स्थानों या घरों की छतों पर ईंट, पत्थर, कांच की बोतलें या ज्वलनशील पदार्थ जमा करना भी प्रतिबंधित रहेगा। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि पेट्रोल और डीजल केवल वाहनों में ही भरा जाए, बोतल या कंटेनर में बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
ड्रोन उड़ाने पर सख्त पाबंदी
आदेश के मुताबिक सरकारी दफ्तरों के ऊपर और आसपास एक किलोमीटर के दायरे में ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। अन्य स्थानों पर भी ड्रोन से शूटिंग या फोटोग्राफी के लिए संबंधित पुलिस उपायुक्त से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसके अलावा सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक, भड़काऊ या समाज की भावनाएं आहत करने वाली सामग्री के प्रसार पर रोक लगाई गई है। धार्मिक, जातिगत या राजनीतिक नारे, पोस्टर और पंपलेट्स भी बिना अनुमति नहीं लगाए जा सकेंगे।
उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 223ए के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश को एकपक्षीय रूप से 14 जनवरी 2026 को जारी किया गया है और इसका पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी गाजियाबाद पुलिस की होगी।
