गाजियाबाद : इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के कनवानी गांव में गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 200 से ज्यादा झुग्गियां इसकी चपेट में आकर जलकर राख हो गईं। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। इस बीच आग में करीब छह बच्चों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
गाजियाबाद के कनवानी गांव में लगी आग
क्या बोले अधिकारी?
गाजियाबाद के जिला मजिस्ट्रेट रविंद्र कुमार मंदाड ने बताया कि इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में कनवानी गांव है, जहां लगभग 150 झुग्गी-झोपड़ियां हैं और उनमें आग लग गई। यहां कबाड़ का काम चल रहा था.। फिलहाल दमकल गाड़ियां 7 जगहों पर भेजी गई हैं। आग पर काबू पा लिया गया है, अब आग कहीं नहीं फैलेगी। इसके बाद अगर किसी के लापता होने की शिकायत आती है, तो हम उसकी भी जांच करेंगे। हमने एम्बुलेंस बुला ली है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। अभी तक किसी के लापता होने या हताहत होने की कोई जानकारी नहीं है।
भीषण अग्निकांड में नुकसान का आकलन
इस भीषण अग्निकांड में भारी नुकसान का आकलन किया जा रहा है। करीब 200 से ज्यादा झुग्गियों में रहने वाले परिवारों का आशियाना उजड़ गया और लोग बेघर हो गए। इस हादसे से रहने और खाने-पीने का कोई साथ नहीं बचा है। फिलहाल, आग पर पूरी तरह से काबू किया जा रहा है। प्रशासन आग के कारणों का स्पष्ट कारण पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि आखिर ये हादसा है या कोई साजिश? फिलहाल, बेघर लोगों को जरूरी चीजें मुहैया कराने की प्राथमिकता पर जोर देना होगा।
आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं है, हालांकि अधिकारियों को संदेह है कि अवैध बिजली कनेक्शन में शॉर्ट सर्किट या गैस सिलेंडर से रिसाव के कारण चिंगारी भड़की होगी। अधिकारियों के मुताबिक, प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रयों में ले जाया गया है और उन्हें राहत सामग्री उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस के अनुसार, मौके पर शीतलन प्रक्रिया पूरी होने के बाद घटना की गहन जांच शुरू की जाएगी।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि आग हाईटेंशन तारों से निकली चिंगारी के कारण लगी। जिला सूचना कार्यालय के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, कनवानी में आर्य पब्लिक स्कूल को राहत शिविर बनाया गया है, जहां आवश्यक सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इसमें कहा गया कि लगभग 1,000 लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई है, पेयजल के लिए सात टैंकर की व्यवस्था की गई है और मोबाइल शौचालय स्थापित किए गए हैं।
कानून व्यवस्था बनाए रखने और नियमित गश्ती करने के लिए पुलिस बल तैनात किए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन को पीड़ित परिवारों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है।
