Ghaziabad News: साइबर अपराध की दुनिया से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 21 वर्षीय युवक ने ऑनलाइन खाना सप्लाई करने वाली कंपनी 'Swiggy' को ढाल बनाकर करीब 30 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया। कागजों में खाना बन रहा था, डिलीवरी हो रही थी, लेकिन हकीकत में न रसोई थी और न ही खाना। गाजियाबाद साइबर क्राइम पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
गाजियाबाद में फर्जी रेस्टोरेंट बनाकर साइबर ठगी
फर्जी रेस्टोरेंट और 'FAST OTP BOT' का खतरनाक गठजोड़
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने ठगी का यह खेल बेहद योजनाबद्ध तरीके से रचा था। आरोपी ने Swiggy प्लेटफॉर्म पर ‘श्याम की रसोई’, ‘राधा की रसोई’ और ‘खाना खजाना’ नाम से फर्जी रेस्टोरेंट रजिस्टर कराए और इसके लिए फर्जी FSSAI दस्तावेज इस्तेमाल किए। टेलीग्राम के ‘FAST OTP BOT’ चैनल के जरिए उसने क्रेडिट कार्ड धारकों की गोपनीय जानकारी हासिल की। इसके बाद एक ऐप का इस्तेमाल कर वह खुद को एक निजी बैंक का कस्टमर केयर अधिकारी बताता और कार्ड धारकों को सर्विस चार्ज हटाने या लेट पेमेंट माफ करने का झांसा देकर उनसे OTP हासिल कर लेता था।
न बना खाना, न हुई डिलीवरी
OTP मिलते ही आरोपी अपने ही फर्जी रेस्टोरेंट से महंगे-महंगे खाने का ऑर्डर जनरेट कर देता था। कागजों और ऐप पर डिलीवरी कम्पलीट दिखा दी जाती थी, जिसके बाद Swiggy की ओर से पेमेंट आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाती थी। इसके बाद वह एटीएम (ATM) या चेक के जरिए पैसे निकाल लेता था। हाल ही में 17 सितंबर को आरोपी ने एक ही क्रेडिट कार्ड से 38 हजार रुपये का फर्जीऑर्डर कर रकम उड़ाई थी।
डिजिटल साक्ष्य और गैजेट्स बरामद
पुलिस ने मुस्तैदी से कार्रवाई करते हुए 21 साल के आरोपी को धर दबोचा। उसके कब्जे से 4 मोबाइल फोन, 1 टैबलेट और 1 लैपटॉप बरामद हुआ है। इसके साथ ही टेलीग्राम चैट,क्रेडिट कार्ड डिटेल्स वाले डॉक्यूमेंट्स और फर्जी रेस्टोरेंट से जुड़े FSSAI दस्तावेज बरामद किए गए हैं। मामले की जानकारी देते हुए ACP क्राइम अमित सक्सेना ने बताया कि आरोपी ऑनलाइन खाना खिलाने के नाम पर ठगी का पूरा तंत्र चला रहा था। पुलिस अब इस फर्जीवाड़े में इस्तेमाल किए गए QR कोड और टेलीग्राम चैनल से जुड़े अन्य नेटवर्क की भी गहनता से जांच कर रही है।
गाजियाबाद से अनुज चौधरी की रिपोर्ट
