उत्तरकाशी: पहाड़ों में लगातार भारी बारिश से जनजीवन पर बुरा असर पड़ रहा है। खासकर, बारिश के कारण हो रहे भूसख्लन से कई मुख्य मार्गों के अलावा छोटे संपर्क मार्ग प्रभावित हो रहे हैं। ताजा मामला उत्तरकाशी से सामने आया है, जहां लैंडस्लाइड से गंगोत्री-यमुनोत्री नेशनल हाईवे पूरी तरह से बंद हो गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप है। पहाड़ों से मलबा नीचे सड़क पर पहुंच रहा है। कई घंटे बीत जाने के बाद सड़क से बोल्डर नहीं हटाए जा सके हैं। हालांकि, कई जेसीबी मशीनें काम कर रही हैं। वहीं, कांवड़ यात्रा के लिए निकले भक्तों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कांवड़ यात्री मार्ग के खुलने का इंतजार कर रहे हैं। दो दिन पहले भी इसी रूट पर लैंडस्लाइड होने से लगभग 15 घंटे के लिए मार्ग बाधित रहा था।
प्रतिकात्मक
पानी के तेज बहाव से सड़क बही
उत्तरकाशी के भटवाड़ी में तेज बारिश से सड़क बह गई है। बारिश से लोगों को भारी से दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। उधर, चामोली में ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे (Rishikesh-Badrinath Highway) में सफर काफी खतरनाक है। वहीं, पीपल कोठी से जोशीमठ तक 60 किलोमीटर तक आवाजाही बाधित है। वहीं, पालड़ा के पास सड़क का आधा हिस्सा अलकनंदा नदी (Alaknanda River) पर समा सकता है। इससे बद्रीनाथ और हेमकुंड (Hemkund) जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नाले उफान पर
उत्तकाशी के मनेरी और सिलकुरा गांव के सात परिवारों पर भू-धसाव का खतरा बना हुआ। यहां नाला उफान पर है, जिससे गांव के संपर्क मार्ग के टूटने की आशंका है। हालांकि, प्रशासन मॉनसूनी बारिश के बीच पैदा हो रही मुसीबत से निपटने के लिए मशीनों को लगा रखा है। ताकि, बद्रीनाथ की ओर जाने वाले यात्रियों को सहूलियत दी जा सके, लेकिन तेज बारिश के कारण बार-बार लैंडस्लाइड होने से समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है।
उधर, नैनीताल में बलिया नाला से आलू खेत तक खतरा मंडरा रहा है। आलू खेत की पहाड़ी के धंसने का डर बना हुआ है। हालात ये है कि चाइना बॉर्डर को जोड़ने वाला वीर भट्टी पुल के नीचे कटाव का खतरा बना हुआ है।
