प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने आखिरकार राजनीति के मैदान में उतरने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। उन्होंने किसी बने-बनाए राजनीतिक दल में शामिल होने के बजाय अपनी खुद की नई राजनीतिक पार्टी बनाने का निर्णय लिया है। गुरुवार को सोशल मीडिया पर लाइव संदेश जारी करते हुए उन्होंने अपनी पार्टी का नाम 'जन नीति भारत' घोषित किया। दिव्या मित्तल ने स्पष्ट किया है कि उनकी यह पार्टी 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी। उनका मुख्य उद्देश्य राज्य की नीति-निर्माण प्रक्रिया में आम जनता को सीधे तौर पर जोड़ना है।
दिव्या मित्तल ने बनाई नई पार्टी (चित्र साभार: X/@divyamittal_IAS)
'जन नीति भारत' के तीन मुख्य वचन
पार्टी के गठन का ऐलान करते हुए पूर्व आईएएस अधिकारी ने तीन प्रमुख संकल्प साझा किए हैं, जो उनकी पार्टी का मुख्य एजेंडा होंगे:
नीतियों के केंद्र में आम जनता: देश और राज्य की नीतियों के केंद्र में आम नागरिक होंगे। नीतियां कागजी आंकड़ों के बजाय जनता की वास्तविक और जमीनी जरूरतों के आधार पर तय होंगी। किसानों और छोटे व्यापारियों की समस्याओं का समाधान उनके व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर तैयार किया जाएगा।
बिना भेदभाव विकास: हर प्रशासनिक फैसला और विकास कार्य जाति, धर्म या पहचान को देखकर नहीं, बल्कि आवश्यकता के आधार पर किया जाएगा।
जन-भागीदारी व महिला सुरक्षा: महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और स्थानीय विकास कार्यों व प्राथमिकताओं में आम लोगों की सीधी भागीदारी तय की जाएगी।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा, "मौजूदा व्यवस्था में राजनीति आपके ऊपर शासन करती है, लेकिन 'जन नीति' में शासन करने वाले आप (जनता) होंगे।"
IIT, IIM और वॉल स्ट्रीट से IAS तक का सफर
हरियाणा के रेवाड़ी से ताल्लुक रखने वाली दिव्या मित्तल का शैक्षणिक और व्यावसायिक बैकग्राउंड बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT दिल्ली से बीटेक और IIM बेंगलुरु से एमबीए की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने लंदन में जेपी मॉर्गन जैसी बहुराष्ट्रीय वित्तीय कंपनी में बतौर वॉल स्ट्रीट ट्रेडर शानदार कॉरपोरेट करियर की शुरुआत की। विदेश की आकर्षक नौकरी छोड़कर वह भारत लौटीं और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा पास कर 2013 बैच की यूपी कैडर की आईएएस अधिकारी बनीं। अपने करीब 13 साल के प्रशासनिक सेवा काल के दौरान वह मिर्जापुर, देवरिया और संत कबीर नगर जिलों में जिला मजिस्ट्रेट (DM) समेत कई अहम प्रशासनिक पदों पर तैनात रहीं।
इस्तीफे से राजनीति तक का कदम
दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। 14 सितंबर को उनका इस्तीफा स्वीकार हुआ, जिसके बाद उन्होंने 29 सितंबर को राजनीति में आने का मन बनाया था। अब 15 अक्टूबर को 'जन नीति भारत' के औपचारिक गठन के साथ ही उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नए शिक्षित और प्रशासनिक अनुभव वाले चेहरे का उभार देखने को मिल रहा है।
