दिल्ली से सटे NCR के प्रमुख शहर फरीदाबाद में ग्रीनफील्ड और सेक्टर-45 के बीच प्रस्तावित नए फ्लाइओवर के निर्माण का रास्ता अब साफ हो गया है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने इस परियोजना को लेकर सर्वे का काम भी पूरा कर लिया है। फ्लाइओवर के बनते ही NHPC रेलवे अंडरपास में बारिश के दौरान होने वाली वाटरलॉगिंग की गंभीर समस्या से लोगों को हमेशा के लिए मुक्ति मिलने की उम्मीद है।
फरीदाबाद में बनेगा नया फ्लाइओवर (फोटो - AI Image)
यह फ्लाइओवर बुढ़िया नाले पर प्रस्तावित है। फ्लाइओवर के लिए तीन संभावित स्थानों की पहचान भी कर ली गई है। अब इनमें से एक जगह को अंतिम रूप देकर परियोजना का एस्टीमेट तैयार किया जाएगा। फिर इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस फ्लाइओवर के बन जाने से ग्रीनफील्ड और सेक्टर-45 के बीच सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी। इससे आसपास के अन्य सेक्टरों और कॉलोनियों को भी बड़ा फायदा होगा।
अंडरपास बंद होने की समस्या दूर होगी
बारिश के मौसम में NHPC रेलवे अंडरपास लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन जाता है। जलभराव के कारण अक्सर तो अंडरपास को बंद करना पड़ता है, जिससे लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पानी भरने के कारण यहां पर कई हादसे भी हो चुके हैं, जिनमें लोगों की जान तक जा चुकी है। ऐसे में प्रस्तावित फ्लाइओवर को एक सुरक्षित और स्थायी समाधान के तौर पर देखा जा रहा है।
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इन इलाकों को होगा फायदा
बता दें कि बुढ़िया नाला अरावली पहाड़ियों से निकलकर यमुना नदी में मिलता है और यह कई रिहायशी इलाकों को दो हिस्सों में बांटता है। ग्रीनफील्ड, चार्मवुड विलेज और अन्य लाइसेंसी कॉलोनियों के निवासियों को सेक्टर-45, 46, मेवला महाराजपुर और सेक्टर-21 तक पहुंचने के लिए अभी सूरजकुंड रोड या NHPC अंडरपास पर निर्भर रहना पड़ता है। प्रस्तावित फ्लाइओवर के बन जाने से इन सभी क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री मुफ्त में देंगे अपनी जमीन
माना जा रहा है कि केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर की पहल पर इस परियोजना पर काम हो रहा है। उन्होंने फ्लाइओवर निर्माण के निर्देश दिए थे और बताया जा रहा है कि सेक्टर-45 स्थित उनके पैतृक गांव मेवला महाराजपुर में वे अपनी निजी जमीन का एक हिस्सा फ्लाइओवर के लिए मुफ्त में देने को भी तैयार हैं। HSVP के एसडीओ प्रेम प्रकाश के अनुसार, साइट का मुआयना किया जा चुका है और फ्लाइओवर बनाने के लिए अंतिम स्थान तय होने के बाद सभी अड़चनों को दूर कर काम आगे बढ़ाया जाएगा।
