सहारा ग्रुप पर ED का बड़ा एक्शन; नौ ठिकानों पर छापेमारी, पोंजी स्कीम के जाल में फंसे लाखों निवेशक

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सहारा ग्रुप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गाजियाबाद, लखनऊ, श्रीगंगानगर और मुंबई के नौ ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में खुलासा हुआ कि ग्रुप ने विभिन्न कंपनियों के माध्यम से पोंजी स्कीम चलाकर लाखों निवेशकों से धोखाधड़ी की। इस दौरान अहम दस्तावेज, रिकॉर्ड और करोड़ों की संपत्तियां अटैच की गईं।

Sahara Group Money Laundering: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कोलकाता जोनल कार्यालय ने सोमवार को गाजियाबाद, लखनऊ, श्रीगंगानगर और मुंबई में नौ स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत सहारा ग्रुप से जुड़े एक मामले में की गई। जानकारी के मुताबिक, जिन ठिकानों पर छापे मारे गए, वे सहारा ग्रुप की कंपनियों से जुड़े भूमि और शेयर लेन-देन से संबंधित थे।

ED Office (Photo ANI)

प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय (फोटो: Canva)

ED की जांच तीन FIRs के आधार पर शुरू हुई, जो ओडिशा, बिहार और राजस्थान पुलिस ने हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (HICCSL) और अन्य के खिलाफ IPC की धारा 420 और 120B के तहत दर्ज की थीं। सहारा ग्रुप की कंपनियों के खिलाफ 500 से अधिक FIR दर्ज हैं, जिनमें से 300 से ज्यादा में PMLA के तहत अपराध शामिल हैं। आरोप है कि इन कंपनियों ने जबरन पुनर्निवेश करवाकर और परिपक्वता भुगतान रोककर लाखों निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की। जांच में खुलासा हुआ कि सहारा ग्रुप ने HICCSL, SCCSL, SUMCS, SMCSL, SICCL, SIRECL, SHICL जैसी कंपनियों के माध्यम से एक तरह की पोंजी स्कीम चलाई।

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