Digvijaya Singh Yatra: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने देश में 'वोट चोरी' और 'चंदा चोरी' के मुद्दों को लेकर बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला किया है। उन्होंने घोषणा की है कि इन गंभीर मुद्दों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर वह 20 अक्टूबर यानी विजयादशमी के पावन अवसर से 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' निकालने जा रहे हैं।
सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा
यह पदयात्रा उज्जैन में पवित्र महाकाल मंदिर (शिवधाम) से शुरू होगी और मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल ओरछा (रामराजा सरकार) से होते हुए उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर (रामधाम) पहुंचेगी। लगभग 850 किलोमीटर की इस लंबी यात्रा में प्रतिदिन करीब 15 किलोमीटर का सफर तय किया जाएगा।
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सनातन धर्म केवल किसी विशेष पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं-दिग्विजय
भोपाल में अपनी पत्नी के साथ संवाददाताओं को संबोधित करते हुए 79 वर्षीय दिग्विजय सिंह ने कहा कि सनातन धर्म केवल किसी विशेष पूजा-पद्धति या अनुष्ठान तक सीमित नहीं है। इसका वास्तविक सार सत्य, न्याय, करुणा और त्याग के मार्ग पर चलना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और चढ़ावे के नाम पर हुई कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाना किसी भी तरह से धर्म के खिलाफ नहीं है।
'अन्याय का विरोध करना, पीड़ित और गरीब वर्ग की मदद करना ही सच्चा धर्म'
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति ईश्वर के नाम पर भ्रष्टाचार करता है, श्रद्धालुओं की आस्था और उनके चंदे का दुरुपयोग करता है, या मंदिर की संपत्तियों और जमीनों पर गलत तरीके से कब्जा जमाता है, तो ऐसे मामलों पर आवाज उठाना हर सच्चे धर्मात्मा की जिम्मेदारी है। दिग्विजय सिंह ने जोर देकर कहा कि अन्याय का विरोध करना, पीड़ित और गरीब वर्ग की मदद करना ही सच्चा धर्म है। उनकी यह यात्रा इसी धार्मिक और सामाजिक चेतना को जगाने का प्रयास करेगी।
