Kerala Minister Post Scam: केरल के कुछ सांसदों और एक विधायक को राज्य मंत्रिमंडल में मंत्री पद दिलाने का झांसा देकर तीन करोड़ रुपये मांगने के कथित प्रयास के मामले में साइबर पुलिस ने दिल्ली के दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों (नितिन और गौरव) को ट्रांजिट रिमांड पर रविवार सुबह नई दिल्ली से कोझिकोड लाया गया। कोझिकोड शहर के पुलिस आयुक्त ए.पी. शौक्कथली ने बताया कि दोनों को दिल्ली पुलिस की मदद से राष्ट्रीय राजधानी के गाजीपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि साइबर पुलिस टीम ने शिकायतकर्ता विधायक से संपर्क करने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, व्हाट्सऐप खाते और मोबाइल फोन से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
PMO और प्रियंका गांधी कार्यालय का बताकर करोड़ों की ठगी की साजिश (प्रतीकात्मक फोटो)
PMO से फोन करने वाला बताया
पुलिस के मुताबिक, जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी गौरव अन्य राज्यों में दर्ज ऐसे ही मामलों में भी कथित रूप से शामिल रहा है और महाराष्ट्र के नासिक में कुछ समय जेल भी काट चुका है। इस मामले में आरोपियों ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से फोन करने वाला बताया था। शौक्कथली ने बताया कि दोनों आरोपी शिक्षित और तकनीकी रूप से कुशल हैं तथा उनमें से एक ने खुद को लॉ ग्रेजुएट बताया है। यह कार्रवाई एलाथुर की विधायक के. विद्या बालकृष्णन की शिकायत पर की गई।
3 करोड़ रुपये के बदले मंत्री पद दिलाने का प्रस्ताव
के. विद्या बालकृष्णन ने आरोप लगाया था कि वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा के निजी सचिव बनकर फोन करने वाले एक व्यक्ति ने उन्हें तीन करोड़ रुपये के बदले मंत्री पद दिलाने का प्रस्ताव दिया था। पुलिस के अनुसार, इसी तरह के फोन केरल के सांसद शफी परंबिल और डीन कुरियाकोस को भी किए गए थे। प्रियंका गांधी वाड्रा के निजी सचिव डी.एस. राजकुमार ने भी उनकी पहचान और सांसद कार्यालय के नाम के दुरुपयोग को लेकर राज्य पुलिस प्रमुख तथा वायनाड के पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी, जिसके बाद एक अन्य एफआईआर दर्ज की गई।
किसी की पहचान का दुरुपयोग कर ठगी की कोशिश
अधिकारियों ने बताया कि छह जुलाई को एक व्यक्ति ने खुद को नई दिल्ली स्थित प्रियंका गांधी के कार्यालय से बताते हुए बालकृष्णन को व्हाट्सऐप कॉल की और कहा कि केरल में मंत्रिमंडल विस्तार होने वाला है तथा तीन करोड़ रुपये देने पर उन्हें मंत्री बनाया जा सकता है। करीब 10 मिनट तक चली अंग्रेजी में हुई बातचीत के दौरान विधायक को संदेह हुआ। बाद में, उन्होंने संबंधित सांसद और प्रियंका गांधी वाड्रा के कार्यालय से संपर्क कर पुष्टि की कि यह किसी की पहचान का दुरुपयोग कर ठगी का प्रयास था।
