Delhi Pollution 50 Percent Work From Home Mandatory: राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा एक्शन लिया है। सरकार ने ऐलान कया है कि गुरुवार से दिल्ली के सभी सरकारी और प्राइवेट संस्थानों में 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य कर दिया गया है।
दिल्ली प्रदूषण को लेकर सरकार का बड़ा एक्शन।(फोटो सोर्स: istock)
यह फैसला प्रदूषण के स्तर को कम करने और सड़कों पर गाड़ियों की संख्या को घटाने के लिए किया गया है। सरकार ने सख्त तौर पर कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
दिल्ली में में गैर-BS-VI वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध
बता दें कि दिल्ली सरकार द्वारा गुरुवार से राजधानी में गैर-BS-VI वाहनों के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध ने पूरे NCR में चिंता बढ़ा दी है। इस फैसले का असर गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद से रोजाना दिल्ली आने-जाने वाले लाखों लोगों पर पड़ेगा। गुरुग्राम में करीब दो लाख, नोएडा में चार लाख और गाजियाबाद में लगभग पांच लाख से अधिक BS-III और BS-IV श्रेणी के वाहन प्रभावित होंगे।
सीमाओं पर ट्रैफिक पुलिस की कड़ी निगरानी रहेगी और नियम तोड़ने पर जुर्माना व वाहन जब्ती की कार्रवाई होगी। अचानक लागू हुए इस प्रतिबंध से लोगों में असमंजस और परेशानी बढ़ गई है, जिससे मेट्रो पर दबाव बढ़ने की संभावना है।
हवा की गुणवत्ता अब भी ‘बहुत खराब’
बुधवार को भी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता अब भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार बुधवार सुबह दिल्ली में AQI की हालत बेहद खराब ही दर्ज की गई है। दिल्ली में आज सुबह 7 बजे सीपीसीबी (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में प्रदूषण बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया।
बुधवार सुबह दिल्ली शहर का औसत AQI 329 रहा। जिसमें सबसे अधिक AQI बवाना इलाके का रहा। बवाना स्टेशन पर सुबह 7 बजे 378 AQI रिकॉर्ड किया गया।
ये इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित
हवा की क्वालिटी के लिहाज से अगर आज हम दिल्ली के सबसे प्रदूषित इलाकों की बात करें तो, बुधवार सुबह दिल्ली का बवाना इलाके की हालत सबसे खराब रही। जहां AQI 378 दर्ज किया गया। इसके अलावा वजीरपुर (360), विवेक विहार (354), सोनिया विहार (345), सिरिफोर्ट (356), रोहिणी (364), पूसा (365), मुंडका (370), अशोक विहार (350) में भी हवा की क्वालिटी बेहद खराब स्थिति है।
