क्या है ड्यूचेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी बीमारी, जिससे अपने बच्चों के बचाने के लिए आंदोलन को मजबूर हुए माता-पिता

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 23, 2023, 05:05 PM IST

Duchenne Muscular Dystrophy: ज्यादातर लोगों में एक जीन में गड़बड़ी की वजह से होने वाली इस दुर्लभ जेनेटिक बीमारी के बारे में तभी पता चलता है, जब उनके परिवार या किसी करीबी का बेटा इसकी चपेट में आता है। बीमारी होती तो जन्म से है। लेकिन इसका पता करीब 5-7 साल की उम्र में लगता है।

Duchenne Muscular Dystrophy: ड्यूचेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी एक बहुत ही गंभीर बीमारी है। इससे बच्चों की मांसपेशी विकृत हो जाती है। यह बीमारी जेनेटिक होती है और इसका इलाज नहीं है। इसे सिर्फ आगे बढ़ने से रोका जा सकता है। इस बीमारी से शिकार बच्चों के माता-पिता अब इलाज के लिए सड़कों पर उतर चुके हैं।

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‘ड्यूचेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी’ के शिकार बच्चों को बचाने के लिए आंदोलन (प्रतीकात्मक फोटो- pixabay)

लड़कों को बनाता है शिकार

ज्यादातर लोगों में एक जीन में गड़बड़ी की वजह से होने वाली इस दुर्लभ जेनेटिक बीमारी के बारे में तभी पता चलता है जब उनके परिवार, या किसी करीबी का बेटा इसकी चपेट में आ जाता है। बीमारी होती तो जन्म से है, लेकिन इसका पता करीब 5-7 साल की उम्र में लगता है। जब शुरूआती लक्षण सामने आने लगते हैं। हालांकि यह बीमारी इतनी भी दुर्लभ नहीं है। मेडिकल आंकडों के मुताबिक भारत में पैदा होने वाले प्रत्येक 3500 पुरुषों में से एक लडका इस बीमारी के साथ पैदा होता है। लड़कियों में यह बीमारी लगभग न के बराबर होती है।

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