दिल्ली में जल संचयन संकट; योजनाओं की बढ़ती कमी ने गिराया भूजल स्तर, सभी सिस्टम हुए फेल

दिल्ली में जल संकट लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है, जहां हर साल की बरसात का अधिकांश हिस्सा व्यर्थ बह जाता है। सरकारी रिपोर्टें बताती हैं कि वर्षा जल संचयन की योजनाएं कागजों तक ही सीमित हैं, जबकि भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है। एनसीआर के अन्य शहरों में भी हालात चिंताजनक हैं, जिससे एक समग्र समाधान की आवश्यकता और भी स्पष्ट हो जाती है।

Delhi Rainwater Harvesting: दिल्ली में जल संचयन की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। हर वर्ष औसतन 774.4 मिमी बारिश होने के बावजूद, इसका मात्र एक चौथाई हिस्सा ही संरक्षित हो पाता है। भारतीय मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो दशकों में दिल्ली का भूजल स्तर 15 से 20 मीटर तक नीचे गिर चुका है। वर्ष 2020 से 2025 के बीच वर्षा जल संचयन की दिशा में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है।

​Rainwater Harvesting Crisis in Delhi​

दिल्ली में वर्षा जल संचयन संकट (Photo - Canva)

दिल्ली जल बोर्ड और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 में चार हजार इमारतों में वर्षा जल संचयन प्रणाली लगाई गई थी, लेकिन इनमें से 60 प्रतिशत से अधिक अब निष्क्रिय हो चुकी हैं। जानकारी के मुताबिक जल संचयन पर सरकारी स्तर पर केवल औपचारिक चर्चा होती है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस योजना या मास्टर प्लान लागू नहीं किया गया है। वर्ष 2018 में ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार किया गया था, लेकिन इसे आज तक लागू नहीं किया गया।

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