Delhi Rainwater Harvesting: दिल्ली में जल संचयन की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। हर वर्ष औसतन 774.4 मिमी बारिश होने के बावजूद, इसका मात्र एक चौथाई हिस्सा ही संरक्षित हो पाता है। भारतीय मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो दशकों में दिल्ली का भूजल स्तर 15 से 20 मीटर तक नीचे गिर चुका है। वर्ष 2020 से 2025 के बीच वर्षा जल संचयन की दिशा में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है।
दिल्ली में वर्षा जल संचयन संकट (Photo - Canva)
दिल्ली जल बोर्ड और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 में चार हजार इमारतों में वर्षा जल संचयन प्रणाली लगाई गई थी, लेकिन इनमें से 60 प्रतिशत से अधिक अब निष्क्रिय हो चुकी हैं। जानकारी के मुताबिक जल संचयन पर सरकारी स्तर पर केवल औपचारिक चर्चा होती है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस योजना या मास्टर प्लान लागू नहीं किया गया है। वर्ष 2018 में ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार किया गया था, लेकिन इसे आज तक लागू नहीं किया गया।
इसके साथ ही, वर्षा के बदलते पैटर्न ने जल संचयन की अपर्याप्त व्यवस्था को और उजागर कर दिया है। दिल्ली-एनसीआर के नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद क्षेत्रों में भी हालात अच्छे नहीं हैं। बताया जा रहा है कि नोएडा में स्थापित 64 सिस्टम में से केवल 49 ही कार्यशील हैं, वहीं गुरुग्राम में 400 में से 55 सिस्टम पूरी तरह बंद पड़े हैं।
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