दिल्ली

कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हंगामा, अचानक घुसे मुस्लिम युवकों ने की जमकर नारेबाजी; क्या है कारण?

दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित कॉन्फ्रेंस के दौरान बांग्लादेशी घुसपैठियों समेत कई अन्य मुद्दों को लेकर मुस्लिम युवकों ने अचानक हंगामा कर दिया। युवकों का कहना था कि वे “बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे मुद्दे” पर अपनी आवाज़ बुलंद करना चाहते थे। जो बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारत में रहने देना चाहते हैं वो देश विरोधी हैं।

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कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हंगामा

दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के स्पीकर हॉल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अचानक हंगामा हो गया। मंगलवार को यह प्रेस कॉन्फ्रेंस वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर, पूर्व प्रसार भारती सीईओ जवाहर सिरकार, पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह, पूर्व योजना आयोग सदस्य सैय्यदा हमीद, सामाजिक कार्यकर्ता फवाद शाहीन एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा की जा रही थी।

कैसे हुआ हंगामा?

प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू ही हुई थी कि अचानक कुछ मुस्लिम युवक हॉल में घुस आए। युवकों ने मंच पर बैठे वक्ताओं के खिलाफ जोरदार नारे लगाए। साथ ही, उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ भी नारेबाज़ी की। उनके हाथों में प्ले-कार्ड थे, जिन पर विरोध संबंधी संदेश लिखे हुए थे

मंच पर मौजूद प्रमुख हस्तियां

हर्ष मंदर (सामाजिक कार्यकर्ता)

जवाहर सिरकार (पूर्व CEO, प्रसार भारती एवं राज्यसभा सांसद)

वजाहत हबीबुल्लाह (पूर्व CIC)

सैय्यदा हमीद (पूर्व योजना आयोग सदस्य)

फवाद शाहीन (सामाजिक कार्यकर्ता)

इन सभी के खिलाफ नारेबाज़ी की गई, जिससे माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया। इस हंगामे के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस बाधित हो गई। आयोजकों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया। वहीं नारे लगाने वाले युवकों का कहना था कि वे “बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे मुद्दे” पर अपनी आवाज़ बुलंद करना चाहते थे। जो बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारत में रहने देना चाहते हैं वो देश विरोधी हैं।

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Himanshu Tiwari
हिमांशु तिवारीauthor

हिमांशु तिवारी एक पत्रकार हैं जिन्हें प्रिंट से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक का 16 साल का अनुभव है। मैंने अपना करियर क्राइम रिपोर्टर के रूप में शुरू किया था लेकिन बाद में पॉलिटिकल रिपोर्टिंग में शिफ्ट हो गया। पिछले 12 से अधिक वर्षों से बीजेपी, आरएसएस को कवर कर रहे हैं, कुछ आम चुनावों और कई विधानसभा चुनावों की सटीक रिपोर्टिंग भी की है। "सारी दुनिया एक मंच है" और इसलिए रंगमंच और नाटक लिखने में गहरी रुचि है।

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