Delhi News: दिल्ली सरकार ने राजधानी के हर जिले में दृष्टिबाधित कॉलेज छात्राओं के लिए विशेष हॉस्टल बनाने की योजना तैयार की है। यह जानकारी दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री रवींद्र इंद्राज सिंह ने गुरुवार को दी। मंत्री ने यह घोषणा नजफगढ़ के इसापुर गांव स्थित कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (KISS) स्कूल के निरीक्षण के दौरान की। यह दिल्ली सरकार का सीनियर सेकेंडरी आवासीय विद्यालय है।
दिल्ली के सभी जिलों में खुलेंगे हॉस्टल (AI Image)
बंद पड़े हॉस्टल होंगे फिर से चालू
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने स्कूल और स्थानीय अधिकारियों के साथ विभिन्न शैक्षणिक और आवासीय कल्याण योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार की लापरवाही की वजह से दिल्ली में कई हॉस्टल बंद हो गए थे। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए चलने वाले कोचिंग संस्थानों में भी अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं।
1200 छात्रों की क्षमता वाले हॉस्टल हुए थे बंद
जानकारी के अनुसार, इसापुर स्थित यह आवासीय विद्यालय SC, OBC, अल्पसंख्यक और अनाथ बच्चों के लिए बनाया गया था। यहां छात्रों को निःशुल्क आवास, भोजन, यूनिफॉर्म, स्टेशनरी और चिकित्सा सुविधाएं दी जाती थीं। साथ ही व्यावसायिक प्रशिक्षण और खेल सुविधाएं भी उपलब्ध थीं। सितंबर 2024 में भवन की जर्जर स्थिति और वित्तीय सहायता न मिलने के कारण इसे बंद करना पड़ा। बंद होने के समय यहां 1,200 की क्षमता के मुकाबले करीब 800 छात्र पढ़ रहे थे।
हर जिले में बनेगा एक हॉस्टल
मंत्री ने कहा कि सरकार अब वंचित वर्ग के छात्रों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बेहतर आवासीय वातावरण देने पर ध्यान दे रही है। वे स्कूलों और कॉलेजों के बंद पड़े हॉस्टलों को फिर से शुरू करने और नए हॉस्टल बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। सिंह ने बताया कि सेवा पखवाड़ा के दौरान तिमारपुर में दृष्टिबाधित कॉलेज छात्राओं के लिए एक हॉस्टल का उद्घाटन किया जा चुका है। इसके साथ ही सरकार का योजना है कि दिल्ली के हर जिले में एक हॉस्टल बनाया जाए और दिलशाद गार्डन स्थित संस्कार आश्रम को भी फिर से खोला जाए।
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