Delhi: पानी की चोरी रोकने के लिए सरकार का नया प्लान, बिजली की तरह वॉटर सप्लाई भी होगी प्राइवेट

दिल्ली में जल आपूर्ति को निजी क्षेत्र में सौंपने की योजना बनाई जा रही है। जल बोर्ड को आठ क्षेत्रों में विभाजित कर निजी ऑपरेटरों की नियुक्ति की जाएगी। ये ऑपरेटर जल प्रबंधन, सीवर लाइन की देखभाल और बिल वसूली का कार्य संभालेंगे। सरकार का दावा है कि इस कदम से पानी की बर्बादी को रोका जा सकेगा।

Delhi News: दिल्ली सरकार जल्द ही जल आपूर्ति व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की योजना बना रही है यानी प्राइवेट करने जा रही है। जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दिशा में काम करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड को आठ जोनों में विभाजित किया जाएगा, जहां सभी जोन में जल और सीवेज प्रबंधन के लिए निजी आपरेटर तैनात किए जाएंगे। ये ऑपरेटर पेयजल आपूर्ति, सीवर लाइन की मरम्मत, गैर-राजस्व जल (NRW) में कमी और बिल वसूली की जिम्मेदारी निभाएंगे।

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पानी का राजस्व बढ़ाने और चोरी रोकने के लिए सरकार का प्लान (फाइल फोटो | ANI)

50 फीसदी पानी से नहीं आता रेवन्यू

दिल्ली में मौजूद पानी का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा बर्बाद हो रहा है या चोरी हो रहा है। इससे सरकार को कोई राजस्व नहीं मिल पा रहा। यह समस्या जल बोर्ड के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। राजधानी के कई इलाकों में पानी की कमी, दूषित जल आपूर्ति और सीवर समस्याएं आम हैं। जल बोर्ड के अधिकारी मानते हैं कि बिजली वितरण के निजीकरण के बाद बिजली चोरी में कमी आई और आपूर्ति बेहतर हुई। इसी मॉडल को पानी के मामले में अपनाने की तैयारी है।

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