Delhi: कागजों में भरे करोड़ों, मजदूरों के हाथ खाली; CAG रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

CAG रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि दिल्ली सरकार द्वारा मजदूरों के कल्याण के लिए जुटाए गए 3579 करोड़ फंड का अधिकांश हिस्सा रिकॉर्ड गड़बड़ियों में उलझा रहा और योजनाएं जमीन तक नहीं पहुंचीं। CAG ने इसको लेकर कुछ सिफारिशें भी की हैं।

Delhi News: दिल्ली में मजदूरों की भलाई के नाम पर 3579 करोड़ रुपये का फंड इकट्ठा तो किया गया, लेकिन ज्यादातर पैसा या तो रजिस्टरों में गुम है या अधिकारियों की लापरवाही में उलझा हुआ है। फंड से जुड़ा सवाल अब बेहद गंभीर हो गया है, क्योंकि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा रिपोर्ट ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारी-भरकम रकम तो इकट्ठी हुई लेकिन इसका लाभ जमीन पर मजदूरों को शायद ही मिल पाया हो। ज्यादातर पैसा लालफीताशाही और लापरवाही का शिकार हो गया।

labour fund failed as per cag report

मजदूरों के फंड का नहीं मिला पूरा फायदा (सांकेतिक तस्वीर)

सिर्फ 2 लाख मजदूरों का पुख्ता रिकॉर्ड

CAG रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में करीब 7 लाख निर्माण श्रमिक रजिस्टर्ड हैं लेकिन इनमें से केवल 1.98 लाख मजदूरों का ही पुख्ता डेटा उपलब्ध है। कई रजिस्ट्रेशन फाइलों में एक ही मजदूर की कई तस्वीरें पाई गईं, तो कहीं तस्वीरें ही गायब थीं। रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण की दर भी महज 7.3 फीसदी ही है, जबकि राष्ट्रीय औसत 74 फीसदी है। इससे साफ होता है कि योजनाएं ना तो ठीक से लागू हुईं और ना ही उनका दायरा मजदूरों तक पहुंच पाया।

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