Delhi News: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने स्वच्छता सर्वेक्षण में पिछले वर्ष की तुलना में अपनी स्थिति में काफी सुधार किया है। जहां एमसीडी पिछले साल 90वें स्थान पर था, वहीं इस बार यह 31वें स्थान पर आ गया है। इस सुधार के पीछे घर-घर कूड़ा उठाने की योजना और बाजारों की सफाई पर विशेष ध्यान देना बताया जा रहा है। हालांकि, अभी शीर्ष 10 स्थान हासिल करने के लिए निगम को और मेहनत करनी होगी।
स्वच्छता सर्वेक्षण में दिल्ली को मिला 31वां स्थान (तस्वीर साभार: Canva)
कूड़ा निस्तारण में सुधार की जरूरत
एमसीडी के अधिकारियों के अनुसार, सफाई के कई पहलुओं में सुधार हुआ है, जिसमें मुख्य रूप से कूड़ा संग्रहण और बाजारों तथा आवासीय इलाकों की सफाई शामिल है। लेकिन कूड़े के स्रोत से लेकर उसके निस्तारण तक की प्रक्रिया में अभी भी काफी अंतर है, जिसे पाटने के लिए और कार्यवाही करनी होगी।
लैंडफिल साइटों पर 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी
लैंडफिल साइटों पर कूड़े के निस्तारण में पिछले एक साल में 36 प्रतिशत से बढ़कर 56 प्रतिशत तक सुधार हुआ है, जो अब तक का सबसे बड़ा उछाल है। यह एमसीडी की ओर से कूड़ा प्रबंधन के क्षेत्र में की गई महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
नई तकनीक और समयसीमा में बदलाव
एमसीडी ने 2022 में तेहखंड में कूड़ा से बिजली बनाने वाला संयंत्र शुरू किया था, जिसके बाद ओखला लैंडफिल साइट पर कूड़ा डालना बंद कर दिया गया। इसी कारण ओखला साइट को सबसे पहले खत्म करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए समयसीमा दिसंबर 2028 से घटाकर जुलाई 2026 कर दी गई है। इसके अलावा, गाजीपुर लैंडफिल साइट को दिसंबर 2027 तक और भलस्वा लैंडफिल साइट को दिसंबर 2026 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
आगे की चुनौतियां
विशेषज्ञों का मानना है कि कूड़ा पैदा करने की मात्रा को कम करने, स्रोत पर निस्तारण बढ़ाने और रिसाइकिलिंग को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। साथ ही जनता की भागीदारी और सरकारी एजेंसियों के मिलकर प्रयास करने से ही दिल्ली को स्वच्छ बनाने में मदद मिल सकेगी।
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