दहेज प्रताड़ना में आरोपी को जमानत से इनकार, दिल्ली HC ने कहा- बेटी की शादी से पराए नहीं होते मां-बाप

दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित कर सुसाइड के लिए उकसाने के मामले में आरोपी पति की जमानत याचिका खारिज की। कोर्ट ने मृतक महिला के मां-बाप को निजी गवाह बताने की आरोपी की दलील को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा शादी के बाद भी बेटी के माता-पिता अजनबी नहीं होते। उनकी गवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

Delhi High Court: दिल्ली हाई कोर्ट ने अपनी पत्नी को प्रताड़ित करने और उसे खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोपी एक व्यक्ति को जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने पीड़िता को दहेज के लिए कथित तौर पर प्रताड़ित किए जाने के बारे में उसके माता-पिता की गवाही पर गौर करते हुए कहा कि शादी के बाद बेटी के माता-पिता अजनबी नहीं हो जाते।

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प्रतीकात्मक फोटो (istock)

मां-बाप को निजी गवाह बताने पर क्या बोले जज

न्यूज एजेंसी भाषा के अनुसार न्यायमूर्ति स्वर्ण कांत शर्मा ने 25 जुलाई के अपने आदेश में माता-पिता की दलील पर गौर किया, जिसमें कहा गया था कि आरोपी व्यक्ति अपनी पत्नी से मोटरसाइकिल और सोने की चेन की मांग करता था और मांग पूरी न होने पर उससे झगड़ा करता था। बाद में तंग आकर पत्नी ने आत्महत्या कर ली। न्यायमूर्ति शर्मा ने शिकायत दर्ज कराने वाले मृतका के माता-पिता को "निजी गवाह" बताने की आरोपी व्यक्ति की दलील को खारिज कर दिया और इसे "अजीब" तथा "भारतीय समाज की वास्तविकता से कोसों दूर" बताया।

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