Alipur Chemical Blast: राजधानी दिल्ली गुरुवार की शाम केमिकल ब्लास्ट से दहल उठी। यहां अलीपुर रेजिडेंशियल इलाके की संकरी गलियों में एक घर को पेंट की फैक्ट्री बनाकर रखा गया था, जिसमें ब्लास्ट से भीषण आग लग गई। इस भयानक ब्लास्ट में 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, चार लोग घायल हैं। दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि दयालपुर बाजार स्थित कारखाने के परिसर से 11 लोगों के जले हुए शव बरामद किए गए हैं। मृतकों के शवों को बाबू जगजीवन राम अस्पताल ले जाया गया है और 4 घायलों को राजा हरिश्चंद्र अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। फिलहाल, मृतकों की अभी तक शिनाख्त नहीं हो पाई है। वहीं, फैक्ट्री में काम करने वाले लोगों के परिजन अपनों की तलाश कर रहे क्योंकि, शव इतनी बुरी तरह से जल चुके हैं कि उन्हें पहचानना मुश्किल है।इस हादसे से स्थानीय प्रशासन की लापरवाहियां उजागर हुई हैं। आखिर इस मौत के मंजर के लिए कौन जिम्मेदार है? इसकी जांच के लिए टीम गठित कर दी गई हैं।
अलीपुर केमिकल ब्लास्ट
आग से कई घरों को नुकसान
मौके से सामने आई तस्वीरों को देखने से लगता है कि ब्लास्ट कितना भयानक था। आग से भयंकर ब्लास्ट हो रहे थे और पूरी बिल्डिंग धराशायी होती जा रही थी। बताया जा रहा है कि घर के अंदर केमिकल और प्लास्टिक काफी मात्रा में रखा हुआ था, जिसकी वजह से आग तेजी से फैली और उसने कुछ देर में भीषण रूप ले लिया। आग से नजदीकी घरों की दीवारें तपने लगीं थी। फैक्ट्री से निकलने वाले का धुआं नजदीकी घरों में भी घुस गया, जिससे लोगों को घुटन महसूस हो रही थी। आग की बढ़ती लपटों के बीच लोगों की चीख-पुकार ही सुनाई दे रही थी। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे। हालाकि, फायर कर्मियों ने आसपास के घरों को एहतियात के तौर पर खाली करा दिया। पुलिस ने वहां रह रहे परिवारों को सुरक्षित निकाला। इस भगदड़ में कई लोग मामूली रूप से घायल हो गए, जबकि मौके का फायदा उठाकर फैक्ट्री मालिक अखिल जैन फरार हो गया। जांच टीमें उसकी तलाश में हैं।
ये लोग हैं घायल
- ज्योति पत्नी सुनील उम्र 42 वर्ष
- दिव्या पुत्री सुनील 20 वर्ष
- मोहित सोलंकी पुत्र जगत सोलंकी 34 वर्ष।
- कांस्टेबल करमबीर
दुकानें, ढाबा और कार जलकर राख
आग इतनी भयानक थी कि स्टेशनरी, टेलर की दुकान, सैलून, ढाबा और किराना स्टोर समेत सामने वाले घरों को चपेट में ले लिया। इससे सामने वाले घर में रहने वाले तीन लोगों की झुलसकर मौत हो गई, जबकि दुकानों और घरों में रखा सामान जल कर राख हो गया। इसके अलावा फैक्ट्री में खड़े वाहन और कार व बाइक भी जल गई। फायर स्टेशन अधिकारी सत्यवान सिंह का कहना है कि यहां रासायनिक विस्फोट हो रहे थे, जिससे आग बुझाना काफी मुश्किल था। चार घटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया है। एनडीआरएफ ने पुष्टि की है कि 11 लोगों की मौत हो गई है और चार अन्य घायल हो गए हैं। कुल 30 फायर टेंडर लगे हुए थे।
30 फायर टेंडर ने आग पर पाया काबू
अलीपुर आग की घटना पर दिल्ली फायर सर्विसेज के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया कि गुरुवार की शाम करीब 5:25 बजे हमें फोन आया कि एक पेंट फैक्ट्री में आग लग गई है। उन्होंने कहा घर में केमिकल ड्रम के साथ पेंट बनाने का कार्य चल रहा था। पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, आग इतनी भयानक थी कि आसपास के चार घर और एक नशा मुक्ति केंद्र को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर 30 फायर टेंडर भेजे गए। हमारी टीम ने 4 घंटे में आग पर काबू पाया, लेकिन अब तक 11 लोगों की जान जा चुकी है, सभी मजदूर हैं। एनडीआरएफ भी मौके पर पहुंच गई है। सर्च ऑपरेशन जारी है, हमें 2 और लोगों के फंसे होने की आशंका है। फिलहाल, आग लगने का सही कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है।
इन घटनाओं ने भी दहलाया
आपको बता दें कि दिल्ली में ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। गौर करें तो 19 जनवरी 2024 को पीतमपुरा में घर में आग लगने से 5 लोगों की मौत हुई थी तो वहीं, इसी साल 27 जनवरी को शाहदरा में इमारत में आग लगने से 9 माह के बच्चे समेत चार लोगों की मौत हो गई थी। पिछले साल 15 नवंबर को शकरपुर में चार मंजिल इमारत में लगी आग से जान बचाने के लिए कई लोग नीचे कूदे, जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी और 19 लोग झुलस गए थे।
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