NSUI Protest Delhi Building Collapse: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 5 मंजिला पेइंग गेस्ट (PG) इमारत ढहने से हुई छात्रों की मौतों और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) ने मोर्चा खोल दिया है। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में दर्जनों छात्र कार्यकर्ता रविवार शाम से ही घटनास्थल के समीप स्थित दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन के नीचे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। NSUI ने इस भीषण त्रासदी के लिए सीधे तौर पर दिल्ली सरकार, दिल्ली नगर निगम (MCD) और विश्वविद्यालय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।
दुर्गाबाई देशमुख मेट्रो स्टेशन के पास चल रहा धरना
'सत्य निकेतन से निकल रही हैं साथियों की लाशें'
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और एक भावुक वीडियो संदेश जारी करते हुए NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि सत्य निकेतन में अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है और मलबे से एक-एक कर हमारे भाइयों के शव निकल रहे हैं। यह कोई सामान्य हादसा नहीं है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था का घोर फेलियर है। यह सिस्टम की नाकामी ही है कि आज दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के विद्यार्थियों और पूरे देश को ऐसा भयानक और दर्दनाक मंजर देखना पड़ रहा है। जाखड़ ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही NSUI के कार्यकर्ता सबसे पहले मौके पर पहुंचे थे और राहत कार्य में जुटकर कुछ छात्रों की जान बचाने की कोशिश की, लेकिन व्यवस्था की ढिलाई के कारण कई साथी हमेशा के लिए बिछड़ गए।
DU के छात्रों से क्लास का बॉयकॉट करने की अपील
NSUI अध्यक्ष ने दिल्ली विश्वविद्यालय के समस्त छात्र समुदाय से एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी के तमाम साथियों से अपील करता हूं कि आज अपने-अपने कॉलेजों में क्लास का पूर्ण बहिष्कार करें। सड़कों पर उतरकर सरकार और डीयू के कुलपति जवाब मांगें कि इन मासूम छात्रों की मौतों का जिम्मेदार कौन है? उन्होंने सभी छात्रों को दुर्गाबाई देशमुख मेट्रो स्टेशन के नीचे चल रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
NSUI की प्रमुख मांगें
NSUI ने पीड़ित छात्रों और परिवारों के न्याय के लिए प्रशासन के समक्ष हादसे की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों, MCD कर्मियों व मकान मालिक पर हत्या का मुकदमा चलाकर सख्त कार्रवाई करने, मृतक छात्रों के शोकाकुल परिवारों को सरकार और प्रशासन की ओर से तुरंत भारी आर्थिक मुआवजा देने और DU के तहत निजी और अवैध रूप से चल रहे खतरनाक PG तंत्र को बंद करके विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षित हॉस्टल का निर्माण करने की मांग रखी है।
