दिल्ली देश की राजधानी और यहां के लोगों के लिए यह ट्रैफिक जाम की भी राजधानी है। दिल्ली में तमाम फ्लाइओवर और अंडरपास बनाए गए हैं, ताकि ट्रैफिक सुचारू रूप से चल सके। लेकिन इसके बावजूद दिल्लीवासियों को घंटों ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ता है। इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में लगातार एलिवेटेड रोड कॉरिडोर पर काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में एक और एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना है। दिल्ली सरकार ने इस कॉरिडोर का काम NHAI को देने का निर्णय भी कर लिया है। चलिए जानते हैं -
दिल्ली में बनेगी एक और 20 किमी लंबी एलिवेटेड रोड (फोटो - AI)
दिल्ली में ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने मुनक नहर एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया है। यही नहीं इस एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण की जिम्मेदारी NHAI को सौंपने का फैसला भी किया गया है। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के अनुसार, परियोजना का प्रारंभिक आकलन पूरा होने के बाद ये निर्णय लिया गया है। यह एलिवेटेड कॉरिडोर लगभग 20 किलोमीटर लंबा होगा, जो उत्तर-पश्चिम दिल्ली में इंद्रलोक से बवाना तक मुनक नहर के समानांतर बनाया जाएगा।
आकलन के अनुसार इस पूरी परियोजना को बनाने में लगभग 4700 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। दिल्ली सरकार लागत की यह पूरी राशि NHAI को उपलब्ध कराएगी। NHAI इस एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण कार्य करेगा। लोक निर्माण विभाग यानी PWD इस प्रोजेक्ट के लिए फंडिंग व्यवस्था, भूमि स्वीकृति और स्थानीय एजेंसियों के साथ समन्वय की जिम्मेदारी भी संभालेगा। अधिकारियों के मुताबिक, कार्य आवंटन के बाद इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में लगभग तीन साल का समय लग सकता है।
मुनक नहर के ऊपर बनने वाला यह सिग्नल फ्री एलिवेटेड कॉरिडोर मुकर्बा चौक जैसे दिल्ली के सबसे व्यस्त ट्रैफिक जंक्शनों के दबाव को कम करेगा। इसके अलावा यह यात्रा समय में भी करीब 40 फीसद तक की कमी लाएगा। इस एलिवेटेड कॉरिडोर से इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन, शालीमार बाग, दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU), बादली और बवाना इंडस्ट्रियल एरिया को सीधा लाभ मिलेगा। यही नहीं, यह कॉरिडोर अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) को दिल्ली के आउटर रिंग रोड नेटवर्क से भी जोड़ेगा।
जून 2025 में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में यह परियोजना चर्चा का विषय रही। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी इस बैठक में शामिल थीं। PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने उस समय कहा था कि यह कॉरिडोर दिल्ली की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार लाएगा और मुख्य सड़कों से ट्रैफिक का बोझ कम करने में मदद करेगा।
यमुना जल प्रणाली का अहम हिस्सा मानी जाने वाली मुनक नहर के किनारे-किनारे यह एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की इस योजना को हरियाणा सरकार से भी सहमति मिल चुकी है। इससे औद्योगिक गतिविधियों और रोज की आवाजाही में आसानी होगी।
