Delhi Monsoon: क्या आपको दिल्ली में अब भी बारिश का इंतजार है? अगर आप मानसूनी बारिश का इंतजार कर रहे हैं तो इंतजार छोड़ दें। क्योंकि Monsoon ने दिल्ली से आधिकारिक तौर पर विदायी ले ली है। यानी अब आपको मानसूनी बारिश के लिए अगले साल तक इंतजार करने पड़ेगा। दिल्ली में पिछले कई दिनों से बारिश नहीं हुई है और अब भारत मौसम विभाग (IMD) ने राजधानी दिल्ली से मानसून की विदायी की घोषणा भी कर दी है।
दिल्ली से मानसून की आधिकारिक विदायी हो गई है
दो दिन पहले ही मानसून की विदायी
IMD ने कल यानी बुधवार 23 सितंबर को दिल्ली से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की पुष्टि कर दी है। बता दें कि दिल्ली से मानसून इस बार सामान्य तारीख से दो दिन पहले ही विदा हो गया है। सामान्य तौर पर राजधानी से मानसून की वापसी 25 सितंबर के आसपास होती है।
इस साल देर से आया मानसून
दिल्ली के लिए इस साल का मानसून कई मायनों में अलग रहा। इस साल मानसून की शुरुआत देर से हुई, वापसी जल्दी हो गई, लेकिन बारिश सामान्य से ज्यादा ही हुई। सफदरजंग मौसम केंद्र पर 1 जून से 23 सितंबर तक 728.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि इस अवधि की सामान्य बारिश 629.7 मिमी होती है। कुल मिलाकर राजधानी दिल्ली में इस साल मानसूनी बादल लगभग 99 मिमी या कुल 16 फीसद ज्यादा बरसे।
देर से आया, जल्दी चला गया मानसून
मानसून की इस चाल पर हिंदी फिल्म खलनायक का एक गाना बिल्कुल सटीक बैठता है - देर से आना, जल्दी जाना, ऐ साहिब ये ठीक नहीं... जी हां, मानसून के इस तरह जल्दी चले जाने से कई लोग निराश होंगे। इस साल दिल्ली में दक्षिण-पश्चिम मानसून 2 जुलाई को आया, जबकि इसकी सामान्य तारीख 27 जून होती है। यानी मानसून इस साल 5 दिन की देरी से दिल्ली पहुंचा। और अब 25 सितंबर की बजाय 23 सितंबर को ही यानी 2 दिन पहले दिल्ली से विदा भी हो गया।
83 दिन दिल्ली में रहा मानसून
इस साल मानसून दिल्ली में लगभग 83 दिन तक रहा। साल 2012 के बाद यह राजधानी में मानसून की सबसे कम अवधि है। साल 2012 में मानसून दिल्ली में लगभग 80 दिन तक रहा था। इस साल दिल्ली में भले ही 16 फीसद ज्यादा बारिश हुई हो, लेकिन IMD दिल्ली की मानसूनी बारिश को आधिकारिक तौर पर 'सामान्य' श्रेणी में रखता है। ऐसा इसलिए क्योंकि लॉन्ग टर्म एवरेज के 19 फीसद कम या ज्यादा बारिश को IMD 'सामान्य' श्रेणी में रखता है।
दिल्ली से विदा हुआ मानसून
मानसून हुआ विदा, क्या अब बारिश नहीं होगी?
मानसून का दिल्ली से विदा हो जाने का यह मतलब कतई नहीं है कि अब दिल्ली में बिल्कुल भी बारिश नहीं होगी। स्थानीय मौसम प्रणालियों और पश्चिमी विक्षोभ जैसे कारणों के चलते मानसून की विदायी के बावजूद कुछ इलाकों में बारिश और गरज-चमक के साथ बूंदा-बांदी हो सकती है। IMD के मुताबिक मानसून की वापसी तय करने में लगातार बारिश का रुके रहना, निचले वायुमंडल में एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन और नमी में कमी जैसे मानकों को देखा जाता है।
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अब सर्दी की ओर बढ़ेगा दिल्ली का मौसम
राजधानी दिल्ली से मानसून की वापसी के बाद अब यहां मौसम धीरे-धीरे अपेक्षाकृत शुष्क होने की ओर बढ़ेगा। हालांकि, आने वाले दिनों में स्थानीय मौसम प्रणाली के असर से हल्की या मध्यम बारिश की भी संभावना पूरी तरह खत्म नहीं मानी जा सकती। कुछ दिन के लिए गर्मी फिर लौटकर आएगी और परेशान करेगी। जबकि अब धीरे-धीरे वातावरण में ठंडक भी आने लगेगी और दिल्ली में प्रचंड सर्दियों की तैयारी होने लगेगी।
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देश के कई हिस्सों में इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान बारिश की कमी दर्ज की गई, लेकिन दिल्ली में कुल आंकड़ा पॉजिटिव रहा।
