Delhi Economic Survey 2026: मेट्रो का महा-जाल और EV की रफ्तार: आर्थिक सर्वे में दिखी 'फ्यूचरिस्टिक' दिल्ली की झलक, 463 KM लंबा होगा सफर

दिल्ली के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 (Delhi Economic Survey 2025-2026)ने राजधानी की रफ्तार और हवा बदलने वाली दो सबसे बड़ी लाइफलाइन, मेट्रो और इलेक्ट्रिक वाहनों की एक खास तस्वीर पेश की है। दिल्ली अब न केवल एक ऐतिहासिक शहर है, बल्कि यह आधुनिक तकनीक और 'ग्रीन ट्रांजिट' का वैश्विक मॉडल बनने की ओर आगे बढ़ रही है।

Delhi Economic Survey 2026: दिल्ली की सड़कों और जमीन के नीचे चल रही परिवहन में विकास की लहर ने राजधानी की शक्ल बदल दी है। सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली अब 'EV राजधानी' बनने के साथ-साथ दुनिया के सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क वाले शहरों की सूची में अपनी जगह और मजबूत कर रही है।

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दिल्ली में सफर को लेकर आर्थिक सर्वे की बड़ी बातें (सांकेतिक चित्र)

मेट्रो का 'महा-विस्तार'

दिल्ली मेट्रो, जिसे शहर की जीवनरेखा कहा जाता है, अब अपने चौथे चरण (Phase-IV) के साथ एक नए शिखर पर है। सर्वे के अनुसार, फेज-IV के पूरा होते ही मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई 463 किलोमीटर हो जाएगी। प्राथमिकता वाले तीन कॉरिडोर का लगभग 75.69% काम 19 मार्च 2026 तक पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा दिल्ली वाले मेट्रो पर कितना भरोसा करते हैं, इसका सबूत यात्रियों का सफर देता है। मेट्रो में रोजाना औसतन 66.79 लाख यात्री सफर करते हैं। भविष्य की दिल्ली में यात्री मेट्रो से उतरकर सीधे 'नमो भारत' (RRTS) ट्रेन पकड़ सकेंगे। कश्मीरी गेट और इंद्रप्रस्थ जैसे स्टेशनों को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यात्रियों को एक मोड से दूसरे मोड में जाने के लिए सड़क पर न आना पड़े।

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