Delhi-Dehradun Expressway: देश की राजधानी दिल्ली और उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के बीच बन रहे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (Delhi-Dehradun Economic Corridor) के खुलने का सभी को बेसब्री से इंतजार है। दिल्ली में विधानसभा चुनाव 2025 के बीच एक खुशखबरी ये है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा ट्रैफिक के लिए पूरी तरह से खोल दिया गया है। यह हिस्सा कौन सा है और दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद और कौन से हिस्से खोले जा सकते हैं। चलिए जानते हैं -
ट्रैफिक के लिए खुला दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का ये हिस्सा
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को का चौथा चरण 20 किमी लंबा है। हिस्से में एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के गणेशपुर गांव को देहरादून में आशोरोड़ी चौक से जोड़ता है। इस 20 किमी के हिस्से तो तीन हिस्सों में बनाया जा रहा है। बता दें कि पूरे 213 किमी लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे में चौथा चरण सबसे खूबसूरत है। इसी हिस्से में देश का पहला और एशिया का सबसे लंबा एनिमल कॉरिडोर बनाया गया है। जहां पर जंगली जानवरी नीचे और सरपट दौड़ती गाड़ियां ऊपर एलिवेटेड रोड से गुजरेंगी।
इसी चरण में दो इलिवेटेड हिस्से भी हैं। चौथे चरण का पहला पैकेज 8.3 किमी लंबा है जो उत्तर प्रदेश में आता है। यह गणेशपुर गांव से मोहंड कस्बे तक जाता है। जबकि इसका दूसरा पैकेज 8.08 किमी का है जो मोहंड कस्बे से डाट काली गुफा तक है। इस चरण के तीसरे पैकेज की लंबाई 3.4 किमी है जो डाट काली टनल से आशारोड़ी चैकपोस्ट तक जाता है और यह पूरी तरह से ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है।
देहरादून में आशारोड़ी और डाट काली गुफा के बीच 3.5 किमी के हिस्से को अब ट्रैफिक के लिए पूरी तरह से खोल दिया गया है। इसकी एक साइड की रोड पर पहले ही ट्रैफिक चालू कर दिया गया था, जिस पर गाड़ियां दोनों तरफ सरपट दौड़ रही थीं। अब एक्सप्रेसवे के इस हिस्से में दोनों तरफ की सड़क को यानी सभी 6 लेन को ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है। इस साढ़े तीन किमी के हिस्से में एक्सप्रेसवे के खुलने से स्थानीय लोगों को बड़ी सहूलियत होगी।
एक्सप्रेसवे बनने से पहले डाट काली मंदिर के पास संकरी सड़क की वजह से काफी लंबा जाम लग जाता था। डाल काली मंदिर के पास बनी एक टनल ने कुछ हद तक ट्रैफिक की समस्या को सुलझाया, लेकिन समस्या का असली समाधान तो एक्सप्रेसवे और पुरानी टनल के साथ एक नई टनल बनने से ही हुआ है।
कुल 13000 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का काम जनवरी 2025 में पूरा होना था। लेकिन अभी तक इसका निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। उम्मीद है कि इसी साल एक्सप्रेसवे का काम पूरा हो जाएगा। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के आम ट्रैफिक के लिए खुल जाने के बाद दोनों शहरों के बीच की दूरी काफी कम हो जाएगी। दोनों शहरों के बीच आवाजाही आसान होगी और समय की बचत होगी। दिल्ली में अक्षरधाम से बागपत तक भी एक्सप्रेसवे तैयार है। जिसके बारे में कहा जा रहा था कि इसका उद्घाटन जनवरी के पहले हफ्ते में हो सकता है। अब उम्मीद है कि चुनाव के बाद बागपत जिले में ईस्टर्न पैरिफरल वे तक दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का हिस्सा भी चुनाव के बाद जल्द आम जनता के लिए खुल जाएगा।
