प्रेमानंद महाराज पर टिप्पणी को लेकर जगद्गुरु रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी ने दी सफाई, जानें क्या बोले आचार्य रामचन्द्र

प्रेमानंंद महाराज की लोकप्रियता पिछले कुछ समय में काफी तेजी से बढ़ी है। उनके प्रति श्रद्धा रखने वालों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इस बीच जगद्गुरु रामभद्राचार्य की एक टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया है। जिसमें उन्होंने उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान प्रेमानंद महाराज के संबंध में कुछ बातें कहीं। अब इस पर उनके उत्तराधिकारी की तरफ से सफाई दी गई है।

प्रेमानंद महाराज को लेकर जगद्गुरु रामभद्राचार्य की टिप्पणी को लेकर विवाद हो गया है। दरअसल रामभद्राचार्य ने एक पॉडकास्ट में प्रेमानंद महाराज को लेकर टिप्पणी की खी। जिसमें उन्होंने कहा कि प्रेमानंद महाराज में कोई चमत्कार नहीं है, अगर चमत्कार है तो मेरे सामने संस्कृत में श्लोक सुना दें, या मेरे कहे हुए संस्कृत श्लोकों का अर्थ समझा दें। यही नहीं, रामभद्राचार्य ने कहा कि प्रेमानंद महाराज तो मेरे बालक जैसे हैं। इसके बाद एक तरफ प्रेमानंद महाराज के भक्त नाराज हैं तो दूसरी तरफ दो बड़े धर्माचार्यों के बीच विवाद को लेकर हर कोई आश्चर्य में है।

Rambhadracharya-premanand

रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी ने विवाद पर दी सफाई

इस बीच जगद्गुरु रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्र मिश्रा ने बयान जारी किया है। उनका कहना है कि प्रेमानंद जी से ईर्ष्या का प्रश्न ही नहीं उठता। उन्होंने कहा, गुरुदेव ने साफ कहा है कि उन्हें श्री प्रेमानंद जी से किसी भी प्रकार की ईर्ष्या नहीं है। बल्कि उन्होंने प्रेमानंद जी को 'नामजापक संत' बताते हुए कहा – 'भगवन्नाम जपने वाला हर व्यक्ति सम्मान के योग्य होता है।'

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