Bihar News: बिहार के सियासी गलियारे और लालू परिवार से जुड़ी एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं। तेजप्रताप की कथित पत्नी अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने उनके खिलाफ पटना कोर्ट में एक नालिसी मुकदमा (Complain Case) दर्ज कराया है।
तेज प्रताप यादव और अनुष्का यादव के बीच संबंध पर है विवाद (फोटो- PTI & X)
इस शिकायत में तेजप्रताप यादव पर जबरन घर में घुसने, धमकी देने और उनकी नाबालिग भांजी के अपहरण की कोशिश करने जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इतना ही नहीं, पीड़ित परिवार का दावा है कि उन्हें मामले को दबाने के लिए कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर विदेशी नंबर से जान से मारने की धमकी भी मिली है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता आकाश यादव के अनुसार, यह पूरी घटना 6 जून 2026 की रात लगभग 9:30 बजे की है, जब वह खुद किसी काम से राजस्थान में थे। पटना स्थित उनके फ्लैट पर केवल उनकी वृद्ध माता, बहन, भांजी और एक नाबालिग भाई मौजूद थे।
आरोप है कि देर रात तेजप्रताप यादव अपने पीए मोतीलाल यादव के साथ जबरन उनके फ्लैट में घुसने का प्रयास करने लगे। जब परिवार के सदस्यों ने इतनी रात को उन्हें अंदर आने से मना किया, तो दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर दरवाजा तोड़ने की कोशिश की और आकाश की नाबालिग भांजी उज्जैनी से मिलने की जिद पर अड़ गए।
शौचालय जाने का बहाना बनाकर घर में घुसे!
नालिसी मुकदमे में किए गए दावों के मुताबिक, जब घर की महिलाओं ने गेट नहीं खोला, तो तेजप्रताप यादव ने मानवीय आधार की दुहाई दी और कहा कि उन्हें शौचालय का उपयोग करना है। इस पर परिवार ने उन्हें केवल शौचालय जाने की अनुमति देकर अंदर आने दिया। लेकिन घर में प्रवेश करते ही तेजप्रताप ने वहां से बाहर निकलने से साफ इनकार कर दिया। आरोप है कि उन्होंने घर में मौजूद आकाश के नाबालिग भाई को डराते हुए कहा, "बहुत गर्मी आ गई है तुम्हें? दो मिनट में शांत कर देंगे।"
अपहरण की धमकी और लॉरेंस बिश्नोई गैंग का एंगल
घटना के वक्त जब आकाश यादव ने राजस्थान से ही पीए मोतीलाल के जरिए तेजप्रताप से फोन पर बात की, तो आरोप है कि तेजप्रताप ने उन्हें सीधे तौर पर धमकी दी। तेजप्रताप ने कहा कि यदि उज्जैनी से मिलने से रोका, तो वह भांजी का अपहरण करवा देंगे। इसके कुछ देर बाद पीए मोतीलाल ने दोबारा फोन कर इस पूरी घटना और बातचीत को पूरी तरह गोपनीय रखने की हिदायत दी।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब उसी रात आकाश के पास एक विदेशी नंबर से फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गुर्गा बताया और धमकी दी कि यदि तेजप्रताप यादव के खिलाफ पुलिस में गए, तो सीधे गोली मार दी जाएगी। इस समय पूरा परिवार गहरे खौफ में है।
थाने ने नहीं दर्ज की FIR, तो जाना पड़ा कोर्ट
आकाश यादव के अनुसार, इस खौफनाक घटना के बाद उन्होंने 10 जून 2026 को पटना के पाटलिपुत्रा थाने में लिखित शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की गुहार लगाई थी। हालांकि, पुलिस द्वारा मामला दर्ज नहीं किए जाने के बाद, थक-हारकर उन्होंने न्याय के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है और नालिसी वाद दायर किया है। फिलहाल कोर्ट इस मामले की सत्यता और कानूनी पहलुओं की जांच कर रहा है।
