उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विदेश दौरा राज्य की प्रगति के लिए नए द्वार खोल रहा है। सिंगापुर के बाद, मुख्यमंत्री अब जापान के यामानाशी (Yamanashi) पहुंचे हैं, जहां उन्होंने भविष्य की ऊर्जा यानी 'ग्रीन हाइड्रोजन' की बारीकियों को समझा। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश अब केवल पुरानी तकनीक पर नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे आधुनिक और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों पर चलेगा।
यामानाशी के हाइड्रोजन फैसिलिटी मे योगा आदित्यनाथ (x/@myogiadityanath)
जापान में ग्रीन हाइड्रोजन फैसिलिटी का दौरा
गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान के यामानाशी प्रान्त में स्थित कोमेकुरायामा हाइड्रोजन सुविधा (Komekurayama Hydrogen Facility) का दौरा किया। यहां उन्होंने दुनिया की सबसे उन्नत 'पावर-टू-गैस' (P2G) सिस्टम को देखा। बता दें, कि P2G तकनीक प्रणाली सौर ऊर्जा का उपयोग करके हाइड्रोजन का उत्पादन करती है, जिसे ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इससे कार्बन उत्सर्जन (CO2) लगभग जीरो हो जाता है। सीएम योगी ने इस नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि जापान का यह मॉडल उत्तर प्रदेश के लिए 'क्लीन मोबिलिटी' और पर्यावरण के अनुकूल विकास को गति देने में मददगार साबित होगा।
सिंगापुर से एक लाख करोड़ का निवेश प्रस्ताव
जापान पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री 22 से 24 फरवरी तक सिंगापुर के आधिकारिक दौरे पर थे। उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर जानकारी साझा की कि सिंगापुर यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश को 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें से 60,000 करोड़ रुपये के एमओयू (MoUs) पहले ही फाइनल हो चुके हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, ये निवेश उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
शिक्षा और भविष्य के साथ जुड़ाव
अपने दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री ने यामानाशी पब्लिक स्कूल के छात्रों के साथ भी संवाद किया। यह कदम दर्शाता है कि यूपी सरकार केवल औद्योगिक विकास ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर के शैक्षणिक मॉडल और इनोवेशन को भी समझने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि उत्तर प्रदेश नवाचार, आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी से संचालित भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स को संदेश दिया है कि उत्तर प्रदेश अब निवेश के लिए सबसे सुरक्षित और सबसे तेजी से बढ़ने वाला राज्य है। ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में जापान के साथ सहयोग और सिंगापुर से भारी निवेश प्रस्तावों ने उत्तर प्रदेश की आर्थिक दिशा को एक नई गति दी है। यूपी सरकार का लक्ष्य साल 2026 तक कई रणनीतिक क्षेत्रों में कार्बन न्यूट्रल होने और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने का है।
