CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी मोहर्रम को लेकर सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि, “यह मातम का अवसर है, शक्ति प्रदर्शन का नहीं। मोहर्रम के दौरान किसी भी तरह के अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन, नई परंपरा की शुरुआत तथा कानफोड़ू डीजे, ढोल-ताशों के अनियंत्रित इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी जाएगी।” सीएम योगी ने शांति भंग करने की कोशिशों पर कठोर से कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) तथा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक मोहर्रम की व्यवस्थाओं को लेकर पहले से संवाद स्थापित करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी जिले में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ की घटना न होने पाए।
सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो: एएनआई)
अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए
पूर्व की घटनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि तेड साउंड डीजे, ढोल एवं ताशों के अनियंत्रित उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। उन्होंने कहा कि मोहर्रम के जुलूसों में किसी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए। साथ ही किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव के लिए ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखी जाए तथा 10 से 12 फीट से अधिक ऊंची ताजियों की अनुमति न दी जाए। उन्होंने कहा कि सभी की आस्था का सम्मान किया जाए, लेकिन नई परंपरा का सृजन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति एवं ऋषि परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है तथा इस साल ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ की थीम के साथ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का प्रदेशभर में सीधा प्रसारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्वच्छता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग दिवस कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रदेश की सभी 58 हजार ग्राम पंचायतों और 762 नगरीय निकायों में योग कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। अमृत सरोवरों, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर सामूहिक योगाभ्यास को प्राथमिकता देने तथा नगरीय क्षेत्रों के 14 हजार वार्डों में कार्यक्रम स्थलों का चिन्हांकन करने को कहा। उन्होंने 20 जून को नगर विकास, ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज विभागों द्वारा शिक्षण संस्थानों के सहयोग से विशेष स्वच्छता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यक्रम स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रखने, पुलिस बल की नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने तथा सभी पुलिस लाइनों एवं पीएसी बटालियनों को योग दिवस कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश भी दिए।
योग कार्यक्रम आयोजित करने पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवी संस्थाओं, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों, योग संस्थानों, एनसीसी, स्काउट एवं गाइड तथा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला, तहसील, विकासखंड मुख्यालयों एवं ग्राम पंचायत स्तर तक व्यापक स्तर पर योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा जनजागरूकता के लिए प्रभावी प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों में कार्यक्रमों के सफल संचालन हेतु नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने तथा प्रत्येक आयोजन में जनप्रतिनिधि अथवा शासन के प्रतिनिधि की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों एवं पुलिस लाइनों में भी योग कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर देते हुए इसे जनहित एवं जनसहभागिता का व्यापक अभियान बताया।
फील्ड में तैनाती केवल मेरिट पर होनी चाहिए
जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन, जनता दर्शन और आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए कहा कि कुछ जिलों में निस्तारण की स्थिति संतोषजनक नहीं है। ऐसे जिलों को तत्काल अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाना होगा, अन्यथा उत्तरदायित्व तय किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जिन जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की तैनाती नहीं है, वहां अगले तीन दिनों में अनिवार्य रूप से सीएमओ की तैनाती करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी निर्देश दिए कि फील्ड में तैनाती केवल मेरिट पर होनी चाहिए। इस बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, जोनल अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
19 जून को करेंगे अयोध्या का दौरा
वहीं राम मंदिर चंदे में कथित गबन को लेकर चल रहे विवाद के बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 19 जून को अयोध्या का प्रस्तावित दौरा चर्चा का विषय बन गया है। राम मंदिर चंदा विवाद की गहन जांच के आदेश दिए जा चुके हैं। जांच दल मंदिर कर्मचारियों से पूछताछ कर रहा है और पिछले कुछ दिनों में उनके आचरण की बारीकी से जांच कर रहा है ताकि कथित तौर पर धन के दुरुपयोग का पता लगाया जा सके। हालांकि, योगी आदित्यनाथ के इस मुद्दे पर दिए गए किसी भी बयान पर सबकी निगाहें टिकी होंगी। यह मामला पहले ही एक राजनीतिक तूफान में तब्दील हो चुका है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मंदिर अधिकारियों पर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं, वित्तीय कुप्रबंधन और चंदे की कथित हेराफेरी का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अयोध्या यात्रा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की जयंती समारोह के अवसर पर तय की गई है, जो 27 जून को होने वाला है।
महंत नृत्य गोपाल दास 27 जून को 88 वर्ष के हो जाएंगे। इस अवसर पर आध्यात्मिक नेताओं का एक सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, जिसके साथ 19 जून से शुरू होने वाली 10 दिवसीय श्री राम कथा के साथ समारोहों का शुभारंभ होगा। विभिन्न मुख्यमंत्रियों को इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए निमंत्रण पत्र भेजे गए हैं, और कुछ खबरों के अनुसार कई मुख्यमंत्रियों ने अपनी सहमति दे दी है। सीएम योगी आदित्यनाथ 19 जून को अयोध्या पहुंचेंगे, जिस दिन अयोध्या में श्री राम कथा का शुभारंभ होगा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) अयोध्या के प्रसिद्ध राम जन्मभूमि मंदिर में दान राशि के गायब होने के आरोपों की जांच कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर लखनऊ संभागीय आयुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन की नेतृत्व वाली एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी को सात दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों के भीतर अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
