छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर राज्य के विकास से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे। बैठक में बस्तर संभाग के दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-IV) के नियमों में विशेष ढील देने का आग्रह किया गया। इस बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की
बस्तर के लिए क्लस्टर नियम बदलने की मांग
मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि बस्तर के अनेक गांव घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों में स्थित हैं। वर्तमान में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत केवल 500 मीटर की परिधि में स्थित बसाहटों को एक क्लस्टर माना जाता है, जिससे कई छोटे गांव सड़क सुविधा से वंचित रह जाते हैं। साय ने मांग की कि बस्तर की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए, अरुणाचल प्रदेश की तर्ज पर वहां 10 किलोमीटर की परिधि में स्थित बसाहटों को एक क्लस्टर मानने की अनुमति दी जाए।
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विकास ही नक्सलवाद का अंत
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद के दौर से बाहर निकलकर विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क न केवल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाएगा, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम बनेगा। सड़कें बस्तर के लिए सुरक्षा और समृद्धि की आधारशिला साबित होंगी।
सकारात्मक पहल का आश्वासन
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री के प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए उस पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए पूरी तरह संवेदनशील है और राज्य सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
