CJP Protest in Pune: देशभर में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और कथित पेपर लीक (NEET Paper Leak) मामलों को लेकर सक्रिय ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने अपने आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने का ऐलान किया है। इसी क्रम में आज यानी गुरुवार 11 जून को महाराष्ट्र के पुणे स्थित सावित्रीबाई फुले गुणे यूनिवर्सिटी (Savitribai Phule Pune University) में शाम करीब 4 बजे एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। आज के आंदोलन का नेतृत्व CJP के संस्थापक Abhijeet Dipke करेंगे।
आज शाम पुणे में प्रदर्शन करेगी कॉकरोच जनता पार्टी
पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे की मांग को लेकर यह प्रदर्शन आयोजित किया है। CJP का आरोप है कि हाल के वर्षों में NEET, CBSE और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए कथित पेपर लीक और अनियमितताओं ने छात्रों का भरोसा कमजोर किया है।
आज जारी होगा एग्जाम मैनिफेस्टो
अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) का कहना है कि आज के आंदोलन में एग्जाम मैनिफेस्टो जारी किया जाएगा और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई जाएगी। ज्ञात हो कि जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए प्रदर्शन के बाद अभिजीत दीपके ने कहा था कि यदि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं आता है तो आंदोलन को देशव्यापी स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि विभिन्न राज्यों में छात्रों को संगठित कर परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई जाएगी।
कल लखनऊ में होगा आंदोलन
इसी कड़ी में अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ भी CJP के अगले आंदोलन का केंद्र बनने जा रही है। पार्टी के अनुसार अभिजीत दीपके कल यानी शुक्रवार 12 जून को लखनऊ पहुंचेंगे, जहां इको गार्डन में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने भी सुरक्षा तैयारियां शुरू कर दी हैं।
युवाओं की आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए आंदोलन
सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में दीपके ने छात्रों से एकजुट होने और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग उठाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण रहेगा तथा इसका उद्देश्य युवाओं की आवाज को सरकार तक पहुंचाना है।
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हालांकि, केंद्र सरकार की तरफ से इन मांगों पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पुणे और लखनऊ में प्रस्तावित प्रदर्शनों ने छात्र राजनीति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को एक बार फिर राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन किस दिशा में जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
