Bengaluru News: देश और दुनिया में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध सबसे गंभीर और दुर्भाग्य से बड़ी संख्या में होते हैं। और इसमें भी अगर यौन अपराधों की बात की जाए तो इसमें अपराधी अधिकांशत: पहचान का ही व्यक्ति होता है। भले ही सरकार और समाज की कितनी भी कोशिशें हों लेकिन NCRB का डेटा बताता है कि इन प्रयासों के बावजूद यौन अपराधों कितना बड़ा मुद्दा है। एक ऐसी ही घटना बेंगलुरु शहर से सामने आई है। जहां एक चार्टर्ड विमान के एक पायलट पर केबिन क्रू की एक सदस्य के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है।
बेंगलुरु के एक होटल में हुई थी घटना (सांकेतिक तस्वीर)
18 नवंबर को हुई थी घटना
समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक यह घटना 18 नवंबर को शहर के एक होटल में हुई थी, लेकिन 26 वर्षीय पीड़िता ने घटना की जानकारी कुछ दिनों बाद अपने गृह नगर, हैदराबाद लौटकर दी। इसके बाद उसने बेगमपेट पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं के तहत ‘जीरो FIR’ दर्ज की गई। बाद में इस केस को जांच के लिए बेंगलुरु के हलासुरु पुलिस थाने को ट्रांसफर कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि हलासुरु पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
क्या होती है जीरो FIR
बता दें कि जीरो FIR वह प्राथमिकी होती है जो अपराध कहीं भी घटित हुआ हो, उसे किसी भी नजदीकी पुलिस थाने में दर्ज कराया जा सकता है। इसमें एफआईआर का नंबर ‘0’ से शुरू होता है। बाद में इसे संबंधित क्षेत्राधिकार के थाने को भेज दिया जाता है। इसका उद्देश्य यह है कि शिकायत दर्ज करने में देरी न हो और जांच तुरंत शुरू हो सके। 2013 के क्रिमिनल लॉ (अमेंडमेंट) एक्ट के तहत यह प्रावधान जोड़ा गया था ताकि पीड़ितों को त्वरित न्यायिक प्रक्रिया मिल सके। पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है और पायलट से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।
